अनुसूचित जाति के छात्रों की शिक्षा पर खर्च हुए 1300 करोड़ रुपये
लोकसभा में आर्थिक समीक्षा पेश करते हुए मुखर्जी ने कहा कि सरकार अनुसूचित जाति के लोगों के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए कृतसंकल्प है और इसके लिए शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए सरकार अब तक 1300 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है।
मुखर्जी ने कहा, "सरकार अनुसूचित जाति के लोगों के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए कृतसंकल्प है। इस वर्ग के लोगों को उच्च शिक्षण संस्थानों तक पहुंचाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। इस काम में कई स्तरों पर निजी सहायता भी ली जा रही है।"
मुखर्जी ने बताया कि 31 दिसंबर, 2009 को मैट्रिक पूर्व स्तर पर छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए 60.99 करोड़ रुपये जारी किए गए। इसके अंतर्गत कुल 6.60 लाख छात्र लाभान्वित हुए।
इसके अलावा मैट्रिक से आगे की पढ़ाई कर रहे अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति के रूप में मदद पहुंचाने के लिए दिसंबर 2009 में 728.91 करोड़ रुपये जारी किए गए।
साथ ही छात्रों और छात्राओं के लिए अलग छात्रावासों का निर्माण करने के लिए 5.98 करोड़ रुपये जारी किए गए। यह रकम केंद्रीयकृत प्रायोजित छात्रावास कार्यक्रम के तहत जारी की गई। इसके अंतर्गत छात्रों के लिए 30 और छात्राओं के लिए 44 छात्रावास बनाए जाने हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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