रेल बजट : माकपा ने कहा, वादे निभाने में लग जाएंगे 2,500 वर्ष
कोलकाता, 24 फरवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी वाम मोर्चा ने रेल मंत्री ममता बनर्जी द्वारा पेश किए गए वर्ष 2010-11 के रेल बजट को राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। राज्य सरकार के मुताबिक यह बजट आगामी राज्य विधानसभा चुनाव को लक्ष्य बनाकर पेश किया गया है।
पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा सरकार की अगुवाई कर रही मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कहा है कि रेल मंत्री ने लोगों से झूठा वादा किया है और उन्हें इन वादों को पूरा करने में 2500 वर्ष लग जाएंगे।
माकपा की केंद्रीय समिति के सदस्य श्यामल चक्रवर्ती ने कहा, "रेल बजट में जिन योजनाओं की घोषणा की गई है, उन्हें पूरा होने में 2500 वर्ष लग जाएंगे। उनके पास पैसे नहीं हैं और उन्होंने अस्पताल, विश्वविद्यालय और सौ से अधिक नई रेलगाड़ियां चलाने की घोषणा कर दी। कहां से आएंगे ये पैसे?"
वाम मोर्चा सरकार के घटक दलों भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और फारवर्ड ब्लॉक ने भी रेल बजट की कड़ी आलोचना की। दोनों दलों ने कहा कि यह रेल बजट रेलवे के निजीकरण की ओर संकेत करता है, जो कि राष्ट्रीय हित के लिए नुकसानदेह साबित होगा।
फारवर्ड ब्लॉक के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री हाफिज आलम सैरानी ने कहा, "रेल बजट से रेलवे के निजीकरण के स्पष्ट संकेत मिलते हैं। कई परियोजनाओंके लिए रेल मंत्री निजी निवेशों पर भरोसा कर रही है। भविष्य के लिए यह नुकसानदेह है।"
भाकपा के राज्य सचिव मंजू कुमार मजूमदार ने कहा कि बजट को राजनीतिक लाभ के मकसद से पेश किया गया क्योंकि अगले ही साल राज्य विधानसभा के चुनाव होने हैं।
उल्लेखनीय है कि ममता ने रेल बजट में लोको पायलटों की कुशलता और योग्यता बढ़ाने के लिए खड़गपुर में नवीनतम उन्नत अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाने के साथ-साथ कूचबिहार और मालदा में बहुविभागीय प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कई नई रेल लाइनों के सर्वेक्षण का काम शुरू करने और कुछ नई रेलगाड़ियां चलाने की सौगात पश्चिम बंगाल को दी है।
बनर्जी ने रेल बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि 2010 कविगुरु रवींद्रनाथ ठाकुर के 150वें जन्मोत्सव का वर्ष है। उनके सम्मान में हावड़ा में रवींद्र संग्रहालय और बोलपुर में गीतांजलि संग्रहालय की स्थापना की जाएगी। शांतिनिकेतन की वास्तुकला से प्रेरणा के आधार बोलपुर स्टेशन को भी नया रूप दिया जाएगा।"
उन्होंने कहा कि संस्कृति के संवर्धन के लिए नवीनतम अवसंरचनात्मक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए हवड़ा में प्रदर्शनकारी कला और एक संगीत अकादमी सहित शंभु मित्रा सांस्कृतिक परिसर स्थापित किए जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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