एसटीएफ ने अधिकारी को अपहर्ताओं से छुड़ाया
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने बताया सीतापुर में तैनात उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम की जिला प्रबंधक राकेश जैन का अपहरण उनके चालक अभय सोनी ने अपने पत्नी संध्या, भाई संतोष, भतीजे अर्जुन और दोस्त इरफान के साथ मिलकर किया था।
लाल ने कहा कि अभय, संध्या और इरफान को वाराणसी से जबकि अन्य दो को उन्नाव के कुमेदानखेड़ा से गिरफ्तार किया जहां पर उन्होंने राकेश को बंधक बनाकर रखा था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभय ने फिरौती की 50 लाख रुपये राकेश के आगरा में रहने वाली बेटी से उन्हीं के मोबाइल से फोन करके मांगी थी। अभय ने अपने दोस्त इरफान के बैंक खाते में पहले दो लाख रुपये जमा करने को कहा था, जो वाराणसी की एचडीएफसी बैंक में था।
राकेश के बेटी ने यह जानकारी एसटीएफ को दे दी। जिसके बाद एसटीएफ ने संबंधित बैंक से संपर्क कर सहयोग मांगा। सोमवार को इरफान वाराणसी पैसे लेने गया। जैसे ही बैंक पैसे निकालने गया, वहां मौजूद एसटीएफ टीम ने इरफान, अभय और संध्या को धर दबोचा गया। इनकी निशानदेही पर एसटीएफ ने उन्नाव से राकेश को सकुशल मुक्त कराकर दो अन्य अपहर्ताओं को गिरफ्तार किया।
राकेश गत शुक्रवार को सीतापुर स्थित अपने कार्यालय से यह कहकर निकली थीं कि वह अपर जिलाधिकारी से मिलने उनके दफ्तर जा रही हैं। उसके बाद से वह लापता थी।
इंडो-एशियन न्यूजस सर्विस।













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