मानव और बर्ड फ्लू वायरस के मिलने से बन सकते हैं अधिक घातक वायरस
वाशिंगटन, 23 फरवरी (आईएएनएस)। एक नए अध्ययन के मुताबिक पक्षियों में होने वाले फ्लू के वायरस और मानव में होने वाले मौसमी फ्लू के वायरस के आनुवांशिक रूप से मिलने से बनने वाला संकर वायरस अधिक उग्र हो सकता है।
यदि दोनों वायरसों का एक ही पोषक (पक्षी या मानव) कोशिका में संक्रमण होता है तो उनके आनुवांशिक पदार्थ एक-दूसरे से मिल सकते हैं। इनके मिलने से बनने वाले नए संकर वायरस में पहले के दोनों वायरसों के गुण होंगे।
चूहों पर किए गए प्रयोग से पता चला है कि मानव में होने वाले मौसमी फ्लू वायरस एच3एन2 के जीन का एक खंड पक्षियों में होने वाले फ्लू के एच5एन1 वायरस को अधिक संक्रामक बना देता है।
यूनीवर्सिटी ऑफ विस्कोन्सिन-मैडीसन (यूडब्ल्यू-एम) के अध्ययकर्ता योशिहिरो कावाओका कहते हैं, "एच5एन1 और मौसमी फ्लू वायरस के कुछ संकर मूल एच5एन1 वायरस से अधिक खतरनाक थे। जो एक डराने वाली बात है।"
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक बर्ड फ्लू का एच5एन1 वायरस यद्यपि पूरी दुनिया में पक्षियों के द्वारा फैलता है लेकिन इसके मानव में 442 मामलों और 262 मौतों की पुष्टि हुई है। यद्यपि बर्ड फ्लू मानव में प्रभावपूर्ण तरीके से नहीं फैलता है।
कावाओका का कहना है कि एच5एन1 वायरस में कभी भी मनुष्यों के बीच संक्रमित होने की संभावना नहीं होती है लेकिन डर की बात यह है कि यह वायरस स्वाइन फ्लू के एच1एन1 वायरस के संपर्क में आकर उससे मानव में संक्रमण की प्रवृत्ति ले सकता है। तब यह वायरस बहुत अधिक खतरनाक हो जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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