अंतिम संस्कार के पैसे से जुआ खेल मुर्दाघर में रखा दादी का शव
इसके बाद शव को मुर्दाघर में रख दिया। इसी आरोप में उसे मंगलवार को कारावास भेज दिया गया।
समाचार एजेंसी 'डीपीए' के मुताबिक उन्नीस वर्षीय बेरोजगार लाई चुन को अपनी दादी के अंतिम संस्कार के लिए सरकार की ओर से 1,400 डॉलर की आर्थिक मदद मिली थी। चुन 11 वर्ष की उम्र से ही अपनी दादी के पास रहता था। अगस्त 2008 में दादी का निधन हो गया था।
एक अदालत के मुताबिक चुन ने सरकार की ओर से मिले पैसे से अंतिम संस्कार करने की बजाए इससे जुआ खेला था।
उसकी दादी का शव एक साल से भी अधिक समय तक एक सरकारी मुर्दाघर में रखा रहा था। बाद में अगस्त 2009 में शहर के सामाजिक कल्याण विभाग ने उनका अंतिम संस्कार किया था।
शुरुआती सुनवाई में चुन को चोरी का दोषी पाया गया और मंगलवार को उसे कारावास भेज दिया गया, जहां उसे छह महीने तक रखा जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications