महंगाई पर विपक्ष हुआ एकजुट, दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित (राउंडअप)
बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही आरंभ हुई तो लोकसभा अध्यक्ष ने सबसे पहले दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी और उसके बाद बतौर नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज का सदन से परिचय कराया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सहित कई दलों ने महंगाई के मुद्दे पर लोकसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव जबकि राज्यसभा में प्रश्नकाल स्थगित किए जाने और महंगाई पर चर्चा कराने के लिए नियम 167 और 168 के अधीन नोटिस दिया था।
सरकार की ओर से मंगलवार को लोकसभा के कामकाज की जो सूची जारी की गई उसमें इस विषय को शामिल नहीं किया गया। विपक्ष ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। विपक्ष चाहता था कि मतदान के प्रावधान वाले नियमों के अधीन ही हर हाल में इस विषय पर चर्चा हो जबकि सरकार चर्चा तो चाहती थी लेकिन उसका जोर इस बात पर था कि मतदान के प्रावधानों वाले नियमों से परे इस पर चर्चा हो।
सुषमा ने सदन को संबोधित करते हुए कहा, "महंगाई के मुद्दे पर सरकार सो रही है इसलिए हम कार्यस्थगन प्रस्ताव लाने को मजबूर हुए हैं। हमारे प्रस्ताव को कृपया स्वीकार किया जाए। हम चाहते हैं कि सदन चले लेकिन सबसे पहले महंगाई पर चर्चा हो।"
उन्होंने कहा, "जनता महंगाई से त्रस्त है। हम इस विषय पर प्राथमिकता के साथ बहस चाहते हैं। सभी विधायी कार्य बाद में होंगे। महंगाई सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है।"
इसके बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने भी महंगाई के मुद्दे पर सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। इस बीच, अन्य विपक्षी सदस्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। हंगामा बढ़ते देख लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर 12 तक स्थगित कर दी।
दोपहर बाद जब सदन दोबारा बैठा तो लोकसभा अध्यक्ष ने पहले विधायी कामकाज निपटाए। इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि सरकार महंगाई के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा को तैयार है, लेकिन संसदीय परम्परा का पालन करते हुए सर्वप्रथम राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कार्यस्थगन प्रस्ताव सिर्फ आपातकालीन मुद्दों पर ही स्वीकार किया जाता है।
तत्काल बाद विपक्षी सदस्यों का हंगामा शुरू हो गया। हंगामे और शोरगुल में बंसल अपनी बात पूरी नहीं पाए। लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन सदस्यों पर इसका कोई असर न होते देख उन्होंने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
उधर, राज्यसभा में भी महंगाई के मुद्दे पर विपक्ष के कड़े विरोध के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा की कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई सदन में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने खड़े होकर कहा कि उनके दो प्रस्ताव हैं -पहला प्रश्नकाल को स्थगित करना और दूसरा महंगाई पर नियम 167 और 168 के तहत चर्चा कराना। इन नियमों के तहत चर्चा के बाद मतदान का प्रावधान है।
इस दौरान समूचा विपक्ष सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रही था। इसके बीच ही जेटली ने कहा, "यह आम आदमी से जुड़ा मुद्दा है और हम चाहते हैं कि सदन की राय सामने आए।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने जेटली की बातों का समर्थन किया।
राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने कहा कि चर्चा के बारे में आम सहमति है लेकिन उसकी प्रक्रिया पर सहमति नहीं है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने हस्तक्षेप का प्रयास किया लेकिन शोरगुल के कारण उन्हें बैठना पड़ा। इसके बाद अंसारी ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
दोपहर 12 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही दोबारा आरंभ हुई तो राज्यसभा के उपसभापति के. रहमान खान ने पहले विधायी कामाकाज निपटाए। इसके तत्काल बाद विपक्षी सदस्यों ने महंगाई के मुद्दे पर फिर से हंगामा आरंभ कर दिया। हंगामा बढ़ते देख उपसभापति ने सदन की कार्यवाही बुधवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी।
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित होने से नाराज कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर लाभ उठाना चाहता है। "गत वर्ष दिसम्बर महीने में संसद में महंगाई पर चर्चा हुई थी। आप ही बताएं, उस वक्त कितने सांसद सदन में मौजूद थे।"
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी बजट सत्र के पहले दिन कहा था कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा कराने को तैयार है। उन्होंने विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में मदद की अपील की थी।
इससे पहले, मंगलवार सुबह जब लोकसभा की कार्यवाही आरंभ हुई तो सर्वप्रथम दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई। समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र, चौदहवीं लोकसभा के सदस्य व उड़ीसा से भाजपा नेता ब्रह्मानंद पांडा, दूसरी लोकसभा के सदस्य चाउखामून गोहैन, आठवीं लोकसभा के सदस्य डी. एन. रेड्डी और 12वीं लोकसभा के सदस्य मधुकर सरपोतदार के योगदानों को लोकसभा ने याद दिया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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