बाधाओं के बावजूद उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन बढ़ा
लखनऊ, 21 फरवरी (आईएएनएस)। देश के अन्य हिस्सों में कम उत्पादन और बाधाओं के बावजूद उत्तर प्रदेश में इस वर्ष चीनी का उत्पादन बढ़ा है। इसके साथ ही चीनी उत्पादन के मामले में महाराष्ट्र के बाद उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
राज्य गन्ना आयुक्त सुधीर बोबदे ने आईएएनएस को बताया, "17 फरवरी को किए गए एक मूल्यांकन के मुताबिक इस साल 41.60 लाख टन चीनी के उत्पादन का अनुमान है जबकि 2009 में 40.64 लाख टन का उत्पादन हुआ था।"
बोबदे ने शनिवार को कहा, "हमारा आकलन इस तथ्य पर आधारित है कि 17 फरवरी तक राज्य की चीनी मिलों 398 लाख टन गन्ने की पेराई करके 35.26 लाख टन चीनी का उत्पादन कर चुकी थीं। कई मिलें अभी तीन हफ्ते और पेराई करेंगी। पिछले साल के समान अवधि में चीनी मिलों ने 396.51 लाख टन गन्ने की पेराई करके 35.10 लाख टन चीनी का उत्पादन किया था।"
उन्होंने कहा कि राज्य की 128 में से 40 मिलों में पेराई का कार्य सम्पन्न हो चुका है बाकी 88 मिलें फरवरी अंत या मार्च के शुरुआत तक पेराई करेंगी।
गन्ना उपायुक्त के अनुसार, राज्य सरकार द्वारा गन्ना किसानों को प्रोत्साहन और कच्ची चीनी के आयात पर प्रतिबंधों के चलते उत्पादन में इजाफा हुआ।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, "राज्य में वर्ष 2006-07 के बाद गन्ने के पैदावार में कमी आई है, जिसकी वजह से चीनी उत्पादन में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। वर्ष 2006-07 के दौरान उत्तर प्रदेश में चीनी का उत्पादन 84.75 लाख टन तक पहुंच गया था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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