'वैश्विक महत्व का गंभीर मुद्दा बना हुआ है तिब्बत'
चीन सरकार ने चीन में अमेरिकी राजदूत को तलब किया और ओबामा-दलाई लामा मुलाकात को 'सरासर हस्तक्षेप' की संज्ञा दी।
दूसरी ओर इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत (आईसीटी) के अंतर्राष्ट्रीय मामलों की उपाध्यक्ष मैरी बेथ मर्की ने कहा है, "सुविकसित नीतियों और कार्यक्रमों के मामलों में अमेरिका का तिब्बत को लेकर एक लंबा और सक्रिय रिकॉर्ड रहा है।"
मर्की ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है, "इसलिए जब व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि राष्ट्रपति ओबामा दलाई लामा से मुलाकात कर रहे हैं तो इसका अर्थ यह होता है कि इस मुलाकात का एजेंडा धार्मिक मामलों तक ही सीमित नहीं होंगे। इसमें कई सारे बुनियादी मुद्दे शामिल होंगे। इन मुद्दों में मानवाधिकारों का उल्लंघन, आर्थिक उपेक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता शामिल होंगे।"
दलाई लामा के विशेष दूत और चीन सरकार के साथ मुख्य वार्ताकार लोडी ज्ञारी ने कहा कि गुरुवार को हुई मुलाकात तिब्बत की समस्या के समाधान के लिए दलाई लामा द्वारा किए जा रहे प्रयासों को राष्ट्रपति ओबामा की ओर से मिले समर्थन का स्पष्ट प्रदर्शन है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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