राहुल के दलित प्रेम का तोड़ ढूंढ़ रही भाजपा
इंदौर। कांग्रेस के यूथ आईकन सांसद राहुल गांधी लगातार सभी राज्यों के दलितों की ओर फोकस कर रहे हैं, जिस कारण दलित समुदायों में उनके प्रति प्रेम गहरा होता जा रहा है। जाहिर है इसका असर आने वाले चुनावों में जरूर दिखेगा। लेकिन राहुल गांधी को जवाब देने के लिए भारतीय जनता पार्टी इस दलित प्रेम का तोड़ ढूंढ़ने में जुट गई है। जाहिर है भाजपा यह सब दलितों का वोट बैंक हांसिल करने के लिए कर रही है।
भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच यहां बुधवार को शुरू हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के पहले दिन कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी के दलित प्रेम की छाया साफ नजर आई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने राहुल की इन कोशिशों का अपने तरह से न केवल जवाब दिया, बल्कि डा. अम्बेडकर की तुलना मार्टिन लूथर किंग से की।
राजनीतिक निष्ठा के लिए संघर्ष
गड़करी ने अधिवेशन के पहले दिन कार्यकारिणी की बैठक मे कहा कि डा. अम्बेडकर सामाजिक न्याय के प्रति मूर्ति थे, उन्होने दलितों के लिए ठीक उसी तरह से संर्घष किया जिस तरह मार्टिन लूथर किंग ने अश्वेतों की खातिर किया था। उन्होंने पार्टी के नेताओं से अपील की कि वे सामाजिक न्याय, छुआछूत को खत्म करने के लिए संघर्ष करें। यह संघर्ष वोट बैंक के लिए नहीं राजनीतिक निष्ठा का परिचय होगा।
देश में बढ़ते आतंकवाद और नक्सलवाद के लिए गडकरी ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि भाजपा के लिए देश की सुरक्षा सवरेपरि है। उन्होंने कश्मीर समस्या की चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान मे अमेरिका के दबाव में कश्मीर के समाधान की कोशिश की जा रही है।
भाजपा नेता बड़ी रेखा खींचे: गडकरी
गडकरी ने नेताओं का आहवान किया कि वे बड़े दिल वाले बने और अपनी रेखा बड़ी खींचें, क्योंकि छोटे दिल से काम नहीं होता। उन्होंने नेताओं से कहा कि वे आत्म निरीक्षण करें कि उनका राजनीतिक भविष्य महत्वपूर्ण है या संगठन का। छोटे कार्यकर्ताओं में एक धारणा घर करती जा रही है कि उन्हें कई वर्षो के संघर्ष के बाद भी कुछ नहीं मिला। वहीं नेता बहुत कुछ पा गए हैं।
आई वाजपेयी की याद
'छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता' ये पंक्तियां पढ़कर गडकरी ने पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन मे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। गडकरी ने वाजपेयी को याद किया और कहा कि वे जल्दी स्वस्थ हों यह सभी की ईश्वर से कामना है। वाजपेयी अस्वस्थ होने के कारण इस अधिवेशन में हिस्सा लेने नहीं ले रहे हैं। आयोजन स्थल कुशाभाऊ ठाकरे नगर से लेकर इंदौर के विभिन्न स्थलों पर लगे होर्डिग और पोस्टर्स में वाजपेयी की तस्वीर नजर आ रही थी मगर उनके अधिवेशन में न आने की कमी सभी को खल रही है।
बाहर गए नेताओं की वापसी का प्रस्ताव नहीं : रविशंकर
यहां एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि पार्टी छोड़कर गए नेताओं की वापसी का अभी कोई प्रस्ताव नहीं हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी और भाजपा के अध्यक्ष नितिन गड़करी के दलित प्रेम पर पूछे गए सवाल पर प्रसाद ने कहा कि दोनों की तुलना करना ठीक नहीं है। लोकंतत्र में सभी को जनता के बीच जाकर अपनी बात कहने का अधिकार है। ऐसा भी नहीं है कि देश भर का युवा राहुल गांधी के साथ है, अगर ऐसा ही होता तो विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक सहित अन्य राज्यों में भाजपा को जीत नहीं मिली होती।












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