पार्टी को बहुसंख्यक वर्ग से जोड़कर 10 प्रतिशत वोट बढ़ाएं : गडकरी (लीड 2)
भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन राष्ट्रीय परिषद को संबोधित करते हुए गडकरी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अनुसूचित जाति, जनजाति और अल्पसंख्यक वर्ग तक अपनी पहुंच बनाने में कोई कसर न छोड़ें, यह वर्ग ऐसे राजनीतिक कार्यकर्ताओं की प्रतीक्षा कर रहा है जो उनके दुखड़े को सुने और उनकी आकांक्षाओं को पूरा करे। इसके लिए नई पहल और नई शुरुआत करें।
उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का संकल्प दोहराते हुए कहा कि भाजपा अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कृत संकल्पित है। यह मंदिर भाजपा की आत्मा है और इसके लिए राष्ट्रीय आंदोलन भी चलाया गया था। वर्तमान में यह मामला न्यायालय में लंबित है, किंतु संतोषजनक हल निकलना उन्हें संभव नहीं लगता है लिहाजा मुस्लिम भाई हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान कर सहृदयता का परिचय दें और थोड़ी सी जमीन को छोड़कर मंदिर निर्माण में मदद करें। ऐसा होने से देश में भाईचारे का सूत्रपात होगा। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि अन्य स्थान पर भव्य मस्जिद बनाने में मदद की जाएगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को हिदायत दी कि वे चाटुकारिता का सहारा न लें और पैर पड़ने की आदत से दूर रहें। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने न तो नेताओं के घरों के चक्कर लगाए हैं और न ही स्वागत के लिए मालाओं पर राशि खर्च की है इसलिए कार्यकर्ता अपने काम पर ध्यान दें।
गडकरी ने एक बार फिर कांग्रेस पर अपरोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि उनके न तो पिता और न ही नाना-नानी देश के प्रधानमंत्री रहे हैं, वे तो महज एक कार्यकर्ता थे और राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए बाकी पार्टियों में तो नेता का बेटा ही अध्यक्ष बनता है। यह सिर्फ भाजपा में ही संभव है।
उन्होंने कहा कि देश में 1000 पार्टियां है, 50 प्रमुख दल हैं जिनमें भाजपा सहित देश में सिर्फ पांच दल ही ऐसे हैं जहां घरानाशाही नहीं है। बाकी में तो नेता का बेटा ही अध्यक्ष हेाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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