राजनाथ ने कार्यकर्ताओं से माफी मांगी
भाजपा की राष्ट्रीय परिषद को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि अध्यक्ष का आसन 'विक्रमादित्य के सिंहासन' की तरह होता है। उन्होंने कहा, " मैंने चार वर्ष के कार्यकाल के दौरान कुछ अनुपयुक्त और अनुचित फैसले लिए होंगे और गलतियां भी की होंगी। इसके लिए मैं सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से माफी मांगता हूं।"
राजनाथ ने कहा, "अध्यक्ष के आसन के प्रति आस्था और भरोसा किसी भी कीमत पर कम नहीं करना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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