तेलंगाना: छात्रों के आह्वान पर बंद

उमर फ़ारूक़
बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
आंध्र प्रदेश में तेलंगाना के गठन को लेकर बनी श्रीकृष्णा समिति के कामकाज के दायरे से नाराज़ छात्र संयुक्त संघर्ष समिति का बंद जारी है.
इसे तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति का समर्थन प्राप्त है.
हैदराबाद सहित तेलंगाना के कई इलाक़ों में बंद का व्यापक असर है. हालांकि कुछ स्थानों पर इसका मिलाजुला असर है.
इस बीच तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के विधायक इस्तीफ़ा देने के लिए विधानसभा में पहुँच गए हैं.
तेलुगुदेशम पार्टी और कांग्रेस के नेता अपनी बैठक कर रहे हैं.
इसके अलावा तेलंगाना को लेकर आगे की रणनीति तय करने के लिए संयुक्त संघर्ष समिति (जेएसी) की शाम को एक बैठक होने जा रही है.
शुक्रवार को केंद्र सरकार ने तेलंगाना के मामले में सभी पक्षों से चर्चा करने के लिए बनी श्रीकृष्णा समिति के कामकाज के दायरे की घोषणा की थी.
टीआरएस और कई और संगठनों ने इसे जनता के साथ धोखा बताया था. दूसरे राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इसकी निंदा की थी, हालांकि इसे लेकर तेलगुदेशम पार्टी और कांग्रेस में मतभेद दिख रहे हैं.
इसका विरोध करने वालों का कहना है कि कामकाज का जो दायरा तय किया गया है उससे साफ़ है कि केंद्र सरकार तेलंगाना राज्य का गठन नहीं करना चाहती.
बंद
उस्मानिया विश्वविद्यालय के छात्रों के नेतृत्व में बनी छात्र संयुक्त संघर्ष समिति ने तेलंगाना में बंद का आह्वान किया है.
हैदराबाद सहित तेलंगाना के कई क्षेत्रों में कारोबार बंद है. हालांकि कुछ जगह इसका मिलाजुला असर है.
राज्य परिवहन विभाग ने बंद को देखते हुए बसें बंद कर दी हैं. सड़कों पर निजी कंपनियों की बसें भी दिखाई नहीं पड़ रही है.
हैदराबाद में निषेधाज्ञा लागू है.
तेलंगाना के इलाक़े में शुक्रवार की शाम से ही आंदोलन की सुगबुगाहट शुरु हो गई थी.
तेलंगाना समर्थकों ने शाम को कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री के जनारेड्डी का घेराव किया. एक स्थान पर राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री श्रीधर राव की कार पर पथराव किया गया.
इस्तीफ़े की तैयारी
टीआरएस के सभी दस विधायक विधानसभा पहुँच गए हैं और वे विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफ़ा सौंपने जा रहे हैं.
पार्टी ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वे इस्तीफ़ा देने के बाद विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध करेंगे कि इसे तत्काल स्वीकार कर लिया जाए.
हालांकि मुख्य विपक्षी दल तेलगुदेशम पार्टी ने टीआरएस से अनुरोध किया है कि वे अभी इस्तीफ़ा नहीं दें और शाम को संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में आगे की रणनीति पर विचार करने के बाद संयुक्त रुप से इस्तीफ़े दिए जाएँ.
इस विषय पर विचार करने के लिए तेलगुदेशम पार्टी और कांग्रेस की एक बैठक शाम को होने जा रही है.
तेलुगुदेशम पार्टी इस मामले में पहले से ही विभाजित है क्योंकि उनके दो नेताओं ने कामकाज के दायरे पर विरोधाभासी बयान दिए थे. लेकिन अब कांग्रेस में भी फूट पड़ती दिख रही है क्योंकि पूर्व गृहमंत्री के जनारेड्डी ने कामकाज के दायरे का स्वागत किया है जबकि शेष नेता इसके विरोध में हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि टीआरएस के विधायक यदि इस्तीफ़ा दे देते हैं तो तेलंगाना क्षेत्र से चुनकर आने वाले शेष जनप्रतिनिधियों पर इस्तीफ़े का दबाव बढ़ जाएगा.












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