भारत-रूस के बीच हो सकता है 29 लड़ाकू विमानों के लिए समझौता
नई दिल्ली, 13 फरवरी (आईएएनएस)। रूस के प्रधानमंत्री व्लादिमीर पुतिन की आगामी मार्च में भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच अतिरिक्त लड़ाकू जेट विमान 29 मिग-29के खरीद संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। यह करार 1.12 अरब डॉलर का होगा। इससे पहले भारत और रूस के बीच 16 मिग-29के को लेकर समझौता हो चुका है।
इस सौदे के साथ ही दो और बड़े सुरक्षा संबधी करार पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। जिसमें पांचवीं पीढ़ी के विमान और बहुआयामी परिवहन विमानों का संयुक्त रूप से विकास करना शामिल है।
एक वरिष्ठ रूसी अधिकारी ने आईएएनएस को बताया ,"प्रधानमंत्री पुतिन की यात्रा के दौरान इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस फैसले की औपचारिक घोषणा यात्रा के कुछ दिन पहले की जाएगी।" प्रधानमंत्री बनने के बाद पुतिन की यह पहली भारत यात्रा है, इसके पहले वह बतौर राष्ट्रपति दौरा कर चुके हैं।
इसके साथ ही रूस निर्मित मालवाहक विमान एडमिरल गोर्शकोव की कीमत पर भी बातचीत होने की संभावना है। कीमत को लेकर फैसला हो चुका है। सुरक्षा मसले को लेकर गठित मंत्रिमंडलीय समिति से इसे मंजूरी मिलने का इंतजार है।
गोर्शकोव और मिग-29के सौदा हो जाने की स्थिति में रूस भारत को रक्षा संबंधी सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता बन जाएगा। वर्ष 1960 से सुरक्षा संबंधी खरीद 35 अरब डॉलर का हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि भारतीय वायु सेना (आईएएफ) मिग29 का इस्तेमाल करती है, इसी का परिवर्धित रूप विमान वाहक मिग-29के है जिसे नौसेना इस्तेमाल करेगी।
भारतीय नौसेना अपने बेड़े से सी हैरियर विमानों को हटाना चाहती है। नए लड़ाकू विमान स्वदेशी कोचीन शिपयार्ड में बनाए जा रहे हैं। लड़ाकू विमान हवा से हवा और सतह से सतह पर मिसाइल से मार कर सकते हैं।
भारत पहले 16 लड़ाकू विमान मिग-29के को लेकर समझौता कर चुका है। जिसे गोर्शकोव पर तैनात किया जाएगा। इसे भारतीय नौसेना में आईएएनएस विक्रमादित्य के रूप में जाना जाता है। भारत को 16 विमानों में से चार मिल चुके हैं जिसे औपचारिक रूप से 19 फरवरी से गोवा में नौसेना के बेड़े में शामिल किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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