2012 तक दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक देश बनेगा भारत : वीरभद्र
नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। इस्पात मंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा है कि वर्ष 2012 तक भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक देश बन जाएगा। इसके साथ ही हमारी उत्पादन क्षमता भी दोगुनी हो जाएगी।
सिंह ने आईएएनएस से एक साक्षात्कार में यह बात कही। उन्होंने कहा, "मैंने 2012 तक इस्पात का उत्पादन 12.4 करोड़ टन पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही हम विश्व के दूसरे सबसे बड़े इस्पात उत्पादक देश बन जाएंगे। भारत में यह क्षमता है। देश में आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए यह जरूरी है।"
उन्होंने कहा, "मौजूदा इस्पात कंपनियों की क्षमता को देखते हुए मैं यह दावा कह रहा हूं।"
वर्तमान में चीन विश्व का सबसे बड़ा इस्पात उत्पादक देश है। उसकी क्षमता 60 करोड़ टन है। इस श्रेणी में जापान दूसरे, दक्षिण कोरिया तीसरे और भारत चौथे स्थान पर है। भारत की वर्तमान इस्पात उत्पादन क्षमता 5.7 करोड़ है।
पांच बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र सिंह ने कहा कि भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) ने अकेले अपना उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उसने तीन करोड़ टन के उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने कहा कि यह सरकारी इस्पात कंपनी अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में आंशिक विनिवेश के लिए सार्वजनिक निर्गम लाएगी। इस संबंध में फैसला पहले ही लिया जा चुका है।
उन्होंने कहा, "हमारी योजना 10 फीसदी विनिवेश करने की है। इससे 16000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया गया है।"
सिंह ने कहा कि उनके मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन एक और कंपनी नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड (एनएमडीसी) भी जल्द विनिवेश की प्रक्रिया अपनाएगी। इसकी 8.3 फीसदी हिस्सेदारी विनिवेश की जाएगी। इससे हमने 13000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह सब सरकार के खाते में जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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