ज्ञानेंद्र ने तोड़ी सदियों पुरानी शाही परंपरा
किसी भी यात्रा पर निकलने तथा कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले दर्जनों ज्योतिषियों से सलाह मशविरा करने वाले ज्ञानेंद्र सोमवार को पनौटी गए और वहां मकर मेले में हिस्सा लिया।
पूर्व में नेपाल के इस शाही घराने के लोग यहां नहीं आते थे। नेपाल के शाही परिवार के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी नरेश ने इस मेले में हिस्सा लिया हो। पनौटी हिन्दू देवता नारायण का सबसे बड़ा श्रद्धा का केंद्र माना जाता है और नेपाली राजघराने के नरेशों को नारायण के अवतार के रूप में जाना जाता था।
सदियों पुरानी इस परंपरा को तोड़े जाने के बारे में पूछे जाने पर ज्ञानेंद्र ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वह इस मेले में एक सामान्य नागरिक के बतौर आए हैं। उन्होंने इस दौरान दो लाख नेपाली राशि एक पुराने मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए दान भी किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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