खूनी दरवाजा बलात्कार मामले के दोषी की उम्रकैद बरकरार (लीड-1)
नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी)की एक छात्रा के साथ खूनी दरवाजे में वर्ष 2002 में हुए सामूहिक बलात्कार के मामले के दो दोषियों में से एक की उम्रकैद की सजा सोमवार को बरकरार रखी।
न्यायालय ने कहा कि यह मामला अमानवीय ही नहीं, बल्कि नृशंस भी था। न्यायालय ने निचली अदालता द्वारा दोषी करार दिए गए एक अन्य आरोपी को बरी कर दिया।
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराजोग और सुरेश कैत की खंडपीठ ने राहुल की उम्रकैद की सजा बरकरार रखते हुए कहा, "उसने अमानुषिक ही नहीं बल्कि नृशंस व्यवहार भी किया।"
न्यायालय ने अमित नाम के एक अन्य आरोपी को यह कहकर बरी कर दिया कि वह अपनी सजा पूरी कर चुका है।
न्यायालय का सोमवार का फैसला निचली अदालत द्वारा राहुल और अमित को दोषी ठहराने के पांच साल बाद आया है।
पीड़िता एमएएमसी की चौथे वर्ष की छात्रा थी। उसके साथ 15 नवंबर 2002 को दोनों दोषियों ने खूनी दरवाजा में चाकू की नोक पर दुष्कर्म किया था।
निचली अदालत ने 2005 में इस मामले में शामिल दो अन्य लोगों को बरी कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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