राजस्थान में रिफाइनरी की स्थापना के लिए साोनिया गांधी से आग्रह
गहलोत ने कहा कि 50 वर्षो में बाड़मेर और जैसलमेर क्षेत्रों में तेल की खोज कर पेट्रोलियम मंत्रालय ने करोड़ों रुपये खर्च किए और आज जब तेल के अथाह भंडार मिल चुके हैं। ऐसे में राजस्थान के लोगों की भावनाओं को सम्मान देते हुए बाड़मेर में रिफाइनरी की स्थापना होनी चाहिए। रिफाइनरी लगने से यहां के लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से लाभ मिलेगा। विशेषकर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
गहलोत ने बताया कि उन्होंने यह मांग प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह के बाड़मेर दौरे के समय भी केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा की मौजूदगी में उठाई थी। उन्होंने राज्य की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों और प्राय: पड़ने वाले अकाल एवं सूखे को देखते हुए अधिकाधिक लोगों को रोजगार मुहैया करवाने की दृष्टि से देश के सबसे बड़े इस प्रदेश में रिफाइनरी लगाए जाने के दावे को सही बताया।
गहलोत ने बताया कि संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नई दिल्ली में उनसे हुई मुलाकात के समय केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा को राजस्थान में रिफाइनरी लगाये जाने संबंधी प्रस्ताव का पुनर्परीक्षण करवाने के संबंध में निर्देश दिया।
ज्ञात हो कि राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति सेवानिवृत्त केन्द्रीय पेट्रोलियम सचिव एस.सी. त्रिपाठी के नेतृत्व में सात सदस्यीय उच्च स्तरीय दल के साथ बाड़मेर के दो दिन के दौरे पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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