'राजस्थान में 8 नए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाएं'
जैन ने यह मांग नई दिल्ली में केन्द्रीय भूतल परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री कमल नाथ की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के परिवहन मंत्रियों के सम्मेलन में की। बैठक में केन्द्रीय भूतल परिवहन एवं उच्च मार्ग राज्यमंत्री महादेव सिंह खण्डेला एवं आर.पी.एन सिंह भी मौजूद थे।
जैन ने बताया कि राजस्थान मरूस्थलीय एवं सीमांत राज्य है एवं भौगोलिक दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है, लेकिन सड़क विकास की दृष्टि में यहां अभी भी बहुत काम होना बाकी है। उन्होंने बताया कि राज्य में सड़क घनत्व 53.31 कि.मी. प्रति 100 वर्ग कि.मी. है जबकि देश का औसत घनत्व 102.92 कि.मी. प्रति 100 वर्ग किमी. है।
जैन ने बताया कि इन राष्ट्रीय राजमार्गो के बनने से राज्य में खनिज दोहन के विकास के साथ ही खनिज वाले अविकसित इलाकों का विकास भी हो सकेगा। उन्होंने बताया कि राजस्थान के सीमावर्ती राज्य होने से सैन्य परिवहन व सामरिक महत्व की दृष्टि से भी ये राजमार्ग आवश्यक हैं।
जैन ने जोधपुर से उदयपुर वाया देसूरी-मथुरा से बारां वाया सवाईमाधोपुर और भरतपुर से सालासर हनुमानजी वाया कोटपूतली सड़क मार्गो पर प्राथमिकता से निर्णय लेने का अनुरोध भी किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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