येदियुरप्पा को गुस्सा क्यों आता है?
बेंगलुरू, 5 फरवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा के बारे में कहा जाता है कि उन्हें गुस्सा बहुत जल्दी आता है और इन दिनों तो उन्हें कुछ ज्यादा ही गुस्सा आ रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से उठ रहे असंतोष और विपक्ष की ओर से किया जा रहा प्रहार संभवत: इसका कारण है।
गत पखवाड़े में येदियुरप्पा ने दो बार ऐसे बयान दिए, जिससे उनका गुस्सा जगजाहिर हो गया। एक बार तो उन्होंने भाजपा के विधायक पर सार्वजनिक तौर पर अपना गुस्से का इजहार कर दिया था।
कनार्टक के राज्यपाल एच.आर.भारद्वाज द्वारा गणतंत्र दिवस के मौके पर दिए भाषण में गिरजाघरों पर हुए हमले का जिक्र करने पर भी येदियुरप्पा परेशान हैं। उन्होंने यह बयान देकर लोगों को अचंभित कर दिया कि गिरजाघरों पर हमले की घटना में संलिप्त लोगों के हाथ 'काट देने चाहिए।'
येदियुरप्पा ने यह बयान उत्तरी कन्नड़ जिले के कारवर इलाके में 27 जनवरी को एक बैठक में दिया था। इसके कुछ घंटे बाद ही उन्होंने कहा कि उनके कहने का मतलब कुछ और था। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संदर्भ में उन्होंने बयान दिया था।
इस बयान पर राज्य में विपक्षी कांग्रेस और जनता दल (सेक्युलर) ने मुख्यमंत्री को घेर लिया है। उधर, भाजपा के एक विधायक चंद्रशेखर पाटिल रिवूर से भी येदियुरप्पा का विवाद चल रहा है।
चंद्रशेखर की शिकायत थी कि उन्हें मुख्यमंत्री के साथ उनकी कार में समारोह स्थल तक नहीं ले जाया गया था। विधायक इसका उल्लेख अपने भाषण में कर रहे थे। इस पर येदियुरप्पा इतने क्रोधित हो गए कि उन्हें समारोह में सार्वजनिक रूप से कह दिया, "आप ऐसे मुद्दे को क्यों उठा रहे हैं। अपना भाषण खत्म करें।"
येदियुरप्पा का गुस्सा खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। गुलबर्ग में उन्होंने एक जनसभा में कहा, "जो मेरी आलोचना करते हैं उन्हें आप बताइए कि उनकी जुबान खींच ली जाएगी।"
येदियुरप्पा के इस बयान पर गुलबर्गा और शिमोगा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई थी।
मुख्यमंत्री पर दलित विधायकों का भी दवाब है। सरकार में दलितों की कम प्रतिनिधित्व मामले को लेकर 30 जनवरी को एक बैठक भी की गई थी। विधानसभा में भाजपा के 42 दलित विधायक हैं। वोक्कालिगा जाति के विधायकों ने मुख्यमंत्री पर दवाब बनाया था कि विधानपरिषद की तीन खाली सीटों पर उनके समुदाय के लोगों को मौका दिया जाए।
भाजपा में 17 विधायक वोक्कालिगा जाति के हैं। येदियुरप्पा ने दवाब में आकर कन्नड़ अभिनेता जगेश को विधान परिषद के लिए नामित किया।
येदियुरप्पा को एक बड़ा झटका उस समय लगा जब राज्यपाल ने विधान परिषद के लिए वी.सोमन्ना का नामंकन खारिज कर दिया था। सोमन्ना लिंगायत समुदाय से हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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