पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारत विरोधी रैली
नई दिल्ली/श्रीनगर, 4 फरवरी (आईएएनएस)। प्रतिबंधित संगठन जमात-उद्-दावा ने कश्मीर के साथ एकजुटता दिखाने के लिए गुरुवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारत विरोधी जिहादी रैली का आयोजन किया। जमाएत-उद्-दावा को आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही एक अंग माना जाता है।
मुंबई आतंकी हमलों के बाद एक वर्ष से भी ज्यादा अर्से तक ज्यादा सक्रिय न दिखने वाले जमात-उद-दावा की ओर से मुजफ्फराबाद में हो रहे इस जमावड़े पर भारत की नजर है। जमावड़ा गुरुवार को आरंभ हुआ और इसके कुछ दिनों तक चलने की उम्मीद है।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "हमें देखना है कि बैठक के बाद वे क्या प्रस्ताव अपनाते हैं।"
इसमें हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर सैयद सलाहुद्दीन और जमाएत-उद्-दावा के अब्दुल रहमान मक्की सहित शीर्ष आतंकवादियों के शामिल हो सकते हैं।
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर और जमात-उद्-दावा के प्रमुख अब्दुल अजीज अल्वी का भाषण होगा। इसे इस रूप में देखा जा रहा है कि आतंकवादी संगठन अपना ध्यान फिर से जम्मू एवं कश्मीर पर केंद्रित कर रहा है।
लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद को भारत मुंबई पर हुए 26/11 के आतंकवादी हमले का प्रमुख साजिशकर्ता मानता है। वह शुक्रवार को इसी तरह की रैली इस्लामाबाद में संबोधित करेगा।
इस सम्मेलन में आमंत्रित पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसिज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के पूर्व प्रमुख हामिद गुल ने कहा कि पाकिस्तान सरकार को बैठक की जानकारी है और भारत की नाराजगी कोई मायने नहीं रखती।
जमात-उद्-दावा को आतंकवादी संगठन मानने से इंकार करते हुए गुल ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को आतंकवादियों और स्वाधीनता सेनानियों में फर्क करना होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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