भारत की जी-77 से जलवायु परिवर्तन वार्ता में एकजुटता की अपील
जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर समूह की बुधवार को हुई एक बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई प्रतिनिधि हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि यदि इस अन्याय को दूर करना है तो जी-77 देशों को एकजुट रहना होगा।
उन्होंने कहा कि अफ्रीका से लेकर कम विकसित देशों (एलडीएस) और छोटे द्वीपीय विकासशील देशों (एसआईडीएस) के लिए यह अन्याय अधिक है जिनका राष्ट्र के रूप में अस्तित्व ही खतरे में है।
पुरी ने कहा कि अन्य विकासशील देशों की तरह भारत भी जलवायु परिवर्तन से अत्यधिक प्रभावित है। इसलिए भारत का बड़ा हित यह सुनिश्चित करने में है कि जलवायु परिवर्तन का हल ठोस और सुनिश्चित तरीके से किया जाए।
उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत लगातार और स्वेच्छा से विभिन्न उपायों को लागू कर रहा है।
पुरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र रूपरेखा सम्मेलन के सिद्धांतों और प्रावधानों विशेषकर 'समान लेकिन भिन्न और क्षमता के हिसाब से जिम्मेदारी' पर फिर से कोई वार्ता या इनमें बदलाव नहीं किया जा सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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