भाजपा-शिव सेना के बीच गठबंधन तोड़ने की वकालत (लीड-1)
उधर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने अप्रत्यक्ष रूप से शिव सेना को आड़े हाथों लिया लेकिन उन्होंने इस विवाद के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया।
भाजपा के महासचिव व वरिष्ठ नेता विनय कटियार ने मंगलवार को मराठी और गैर मराठी विवाद के लिए शिव सेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को जमकर आड़े हाथों लिया और उन्हें चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है तो वे उन्हें मुंबई जाने से रोक कर दिखाएं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में जो तांडव चल रहा है उसको देखकर ऐसा लगता है कि अब समय आ गया है कि शिवसेना से अलग होने पर विचार किया जाए।
कटियार ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, "मैं मुंबई जाऊंगा। देखता हूं कौन मेरी हत्या करता है।"
ठाकरे बंधुओं (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) को उनके जन्मस्थान की याद दिलाते हुए कटियार ने कहा, "ठाकरे बंधु भी मध्य प्रदेश के खांडवा से मुंबई गए थे। सबसे पहले वे अपना बोरिया बिस्तर बांध लें।"
उधर भाजपा के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र की कांग्रेस सरकार को उत्तर भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक कार्ययोजना तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) और अन्य कट्टरपंथी ताकतों की गतिविधियों पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने वाली है।
राजनाथ ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा, "महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार है और मराठी अस्मिता के नाम पर हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उसके पास सभी शक्तियां हैं। ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय कांग्रेस अपने राजनीतिक फायदे के लिए उन्हें न सिर्फ बढ़ावा दे रही है बल्कि सहयोग भी कर रही है।"
उन्होंने कहा, "उत्तर भारतीयों खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों की सुरक्षा के प्रति कांग्रेस यदि इतनी ही गंभीर है तो उसे इस सिलसिले में एक कार्ययोजना तैयार करना चाहिए।"
भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी से जब कटियार और राजनाथ सिंह के बयानों पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने कहा कि दोनों पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और उन्होंने अपनी सोच प्रदर्शित की है। इसमें राष्ट्रीय भावना है। सोच समझकर ही उन्होंने यह बयान दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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