उल्फा ने बातचीत की अपील ठुकराई
राजखोवा ने यहां पत्रकारों से कहा, "जब तक वह जेल में हैं, कोई बातचीत नहीं हो सकती।"
उल्फा प्रमुख इन दिनों गुवाहाटी के केंद्रीय कारागार में बंद है। उसे यहां एक डेंटल कॉलेज में दांतों का इलाज कराने के लिए लाया गया था।
सोमवार को गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा था कि सरकार, उल्फा के एक प्रमुख नेता परेश बरुआ की उपस्थिति के बिना भी जेल में बंद अन्य नेताओं से वार्ता करने के लिए तैयार है।
वहीं राज्य के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का कहना है कि उल्फा नेताओं के लिखित अनुरोध पर ही वार्ता के लिए जगह तय किया जाएगा।
उल्फा लगभग सभी बड़े नेता इन दिनों जेल में हैं। इनमें उल्फा के मुखिया राजखोवा, उपाध्यक्ष प्रदीप गोगोई, उप-कमांडर-इन-चीफ राजू बरुआ, विदेश सचिव सासा चौधरी, वित्त सचिव चित्राबन हजारिका, प्रसार प्रमुख मिथिंगा डैमरी और सांस्कृतिक सचिव प्रनाती डेका प्रमुख हैं।
प्रमुख नेताओं में परेश बरुआ ही जेल से बाहर है, जबकि अनूप चेतिया 1997 में अपनी गिरफ्तारी के बाद से बांग्लादेश की जेल में बंद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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