अतिरिक्त तरलता अब भी चिंता का सबब : एसबीआई प्रमुख
बहरामपुर (पश्चिम बंगाल), 31 जनवरी (आईएएनएस)। देश में सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के अध्यक्ष ओ.पी.भट्ट ने कहा है कि अगली दो तिमाहियों तक अतिरिक्त तरलता चिंता का विषय बनी रहेगी।
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक संवाददाता सम्मेलन में भट्ट ने कहा, "हर महीने हमें 12,000 करोड़ रुपये जमा राशि हासिल होती है। इसमें 7,000 करोड़ रुपये सावधि जमा और 5,000 करोड़ रुपये बचत जमाएं होती हैं। हमारे कर्ज का स्तर इतना नहीं है।"
हर महीने बैंक जितना कर्ज देता है उससे अधिक जमा हासिल करता है इससे बैंक के निष्क्रिय कोष में वृद्धि होती है।
दिसम्बर तक बैंक की अधिशेष तरलता 75,000 करोड़ रुपये थी और मार्च तक इसे घटाकर 20,000 करोड़ रुपये करने की योजना है।
भट्ट ने कहा कि विभिन्न योजनाओं के तहत ब्याज दरों के निर्धारण का फैसला अभी तक नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा, "हमारी अधिकांश योजनाओं की ब्याज दरें 31 मार्च तक के लिए निश्चित हैं और इस महीने के मध्य तक हम उनकी समीक्षा करेंगे।"
एसबीआई की वर्ष 2010-11 में 22,000-23,000 हजार कर्मचारियों की भर्ती की योजना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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