हल्दीराम के मालिक को उम्रकैद की सजा (राउंडअप)
उधर पांच पहले हुई इस घटना में बाल-बाल बचे चाय विक्रेता प्रमोद शर्मा ठाकुर ने कहा कि आखिरकार उन्हें न्याय मिल गया है। ठाकुर ने कहा कि उन्होंने सब कुछ ईश्वर और कानून पर छोड़ दिया था। ईश्वर इस लड़ाई में गरीब के साथ रहा।
अग्रवाल का 500 करोड़ रुपये का कारोबार है। शहर के व्यावसायिक क्षेत्र बड़ाबाजार में जगमोहन मल्लिक रोड पर हल्दीराम की दो बड़ी दुकानें हैं।
चाय की वह अस्थायी दुकान हल्दीराम द्वारा मध्य कोलकाता के बड़ाबाजार इलाके में खोली जाने वाली एक बड़ी मिठाई की दुकान के रास्ते में रोड़ा बनी हुई थी और चाय वाले ने अपनी दुकान हटाने से इंकार कर दिया था।
प्रमोद ने आईएएनएस से कहा, "इस चाय की दुकान को मेरी दादी ने शुरू किया था। यह मेरे परिवार की रोजी रोटी का जरिया है। यह मेरी मां के समान है। मैं अपनी मां को कैसे बेच सकता हूं।"
यहां की एक त्वरित अदालत ने बुधवार को अग्रवाल, तीन अन्य व्यक्तियों और भाड़े के हत्यारे गोपाल तिवारी को इस मामले में दोषी करार दिया था।
अग्रवाल ने वर्ष 2005 में एक चाय दुकान के मालिक की हत्या के लिए गोपाल तिवारी नामक एक भाड़े के हत्यारे को सुपारी दी थी।
तिवारी और उसके तीन गुर्गो ने चाय दुकान के मालिक प्रमोद पर 30 मार्च, 2005 गोलियां बरसाई थी, जिससे वह घायल हो गया था। कोलकाता पुलिस के एक दल ने तिवारी को उसी वर्ष 22 मई को हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया था।
तिवारी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर अग्रवाल को भी नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सात जून, 2005 को ब्रिटेन से लौटते ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
सभी गिरफ्तार पांचों आरोपियों पर धारा 307, धारा 120बी और धारा 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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