बीटिंग रिट्रीट के साथ गणतंत्र दिवस समारोह संपन्न (लीड-1)
बीटिंग रिट्रीट जैसे समारोह के उदाहरण शायद ही कहीं देखने को मिलें। इसका एक बड़ा कारण इसका आयोजन स्थल है। यह अंग्रेजों द्वारा रायसीना हिल पर बनाए गए राष्ट्रपति भवन के सामने विजय चौक पर आयोजित किया जाता है।
इसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना के कोई 1,000 बैंड कर्मी हिस्सा लेते हैं। एक घंटे तक चलने वाला यह समारोह मिठास व सैन्य अंदाज के अद्भुत मिश्रण का एक अनूठा नमूना रहा।
सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील इस समारोह में मुख्य अतिथि थीं। जैसे ही राष्ट्रगान बजाया गया और तिरंगा फहराया गया, पाटील ने बीटिंग रिट्रीट की सलामी ली।
इस वर्ष के आयोजन का मुख्य आकर्षण यह था कि बैंडकर्मियों ने जब गोधुली बेला में मार्च किया तो उस समय राष्ट्रपति भवन, नार्थ ब्लॉक, साउथ ब्लॉक, और इंडिया गेट हजारों विद्युत बल्वों से जगमगा रहे थे।
तिरंगा फहराना अपने आप में बैंडकर्मियों के लिए रायसीना हिल से आगे मार्च करने और 'सैम बहादुर' धुन बजाने का संकेत भी था। यह धुन दिवंगत फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के सम्मान में तैयार की गई है। मानेकशॉ के ही नेतृत्व में 1971 में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में विजय हासिल की थी।
इसके बाद कई तरह के बैंडों ने अपना शानदार प्रदर्शन किया। अंत में महात्मा गांधी के प्रिय भजन और 'सारे जहां से अच्छा' की धुन के साथ रिट्रीट का समारोह संपन्न हो गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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