रुचिका मामले पर गंभीर नहीं हरियाणा सरकार

रुचिका ने 1993 में आत्महत्या कर ली थी। हरियाणा के पंचकुला में रुचिका के साथ 12 अगस्त 1990 में छेड़छाड़ करने के मामले में राठौड़ को सीबीआई की विशेष अदालत ने 21 दिसंबर को दोषी करार दिया था और छह महीने कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि सजा सुनाने के तत्काल बाद उसे जमानत मिल गई थी।
लखनपाल की याचिका पर 7 जनवरी को हुई सुनवाई में अदालत ने हरियाणा सरकार और सीबीआई को 10 दिन में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। हरियाणा सरकार के वकील ने बुधवार को अदालत से जवाब दाखिल करने के लिए दो महीने का समय मांगा। इस पर मामले की सुनवाई कर रही मुख्य न्यायाधीश मुकुल मुदगल और न्यायाधीश जसबीर सिंह की खंडपीठ ने सरकार की खिंचाई की। मामले की अगली सुनवाई चार फरवरी को होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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