बिहार बंद जन आंदोलन की शुरुआत: लालू (लीड-2)
पटना में बंद समर्थकों के साथ सड़क पर निकले लालू ने कहा कि महंगाई के लिए केन्द्र और राज्य सरकार दोनों दोषी हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार जहां अपनी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर थोप रही है वहीं राज्य सरकार कालाबाजारियों को प्रोत्साहित कर रही है।
लालू ने बिहार बंद को पूरी तरह सफल बताते हुए कहा, "महंगाई के लिए राज्य में आज से जनआंदोलन प्रारंभ हो गया है। राज्य में अब तक 500 से ज्यादा लोग भूख से मर गये हैं। यहां के लोग रोजी रोजगार के लिए अन्य राज्यों में पलायन कर रहे हैं। यहां के विद्यार्थियों को दूसरे राज्यों से भगाया जा रहा है तथा उनकी पिटायी की जा रही है लेकिन राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार केवल पत्र लिखने की बात करते हैं। आखिर वह पत्र कहां लिखते हैं। "
राजद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दिकी ने बंद को सफल करार देते हुए कहा कि 'यह बंद स्वत: स्फूर्त है।' उन्होंने कहा कि दूकानदारों ने जहां अपनी-अपनी दूकानें बंद रखी वहीं आम लोग भी इस मुद्दे पर घर से बाहर निकले।
उधर, जनता दल (युनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय कुमार चौधरी ने इस बंद को पूरी तरह असफल बताया। उन्होंने कहा इस बंद को जन समर्थन प्राप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि राजद के कार्यकर्ताओं ने जबरन दुकानें बंद करवाई।
बंद का यातायात व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है। पुलिस के अनुसार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अब तक 100 से ज्यादा बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया है। पटना में गुरुवार को राजद कार्यकर्ता सुबह से ही सड़क पर उतरने लगे थे। पटना में अधिकांश दूकानें तथा विद्यालय बंद रहे। पटना के कई स्थानों में बंद समर्थकों ने टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया।
बंद समर्थकों ने पटना सिटी में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया। बंद का भागलपुर, पूर्णिया, नालंदा, जहानाबाद में व्यापक असर देखा गया।
पुलिस के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में जबरदस्ती दुकानों को बंद करवाने के आरोप में बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया है। समाचार लिखे जाने तक भागलपुर में 20, नालंदा में 50, खगड़िया में 50 से ज्यादा, मुंगेर में 20 तथा पूर्णिया में पांच बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार अब तक कहीं से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
पटना-हाजीपुर मार्ग पर महात्मा गांधी सेतु को बंद समर्थकों ने तीन स्थानों पर जाम कर दिया है जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया।
उल्लेखनीय है कि राजद के एकदिवसीय बंद को लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने समर्थन दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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