गणतंत्र दिवस पर भारत की तरक्की की झाँकी

इसके पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 61वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर अमर जवान ज्योति जाकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने झंडा फहराकर परेड की शुरुआत की. गणतंत्र दिवस समारोह में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्यूंग बक मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उनके मंत्रिमंडल के सदस्य और अन्य शीर्ष राजनेता, सैन्य अधिकारी और विदेशी राजनयिक इस मौक़े पर उपस्थित थे.
वीरता सम्मान
झंडा फहराने के बाद राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने वीर सैनिकों को सम्मानित किया. मेजर डी श्रीराम को अशोक चक्र से और मेजर मोहित शर्मा व हवलदार राजेश कुमार को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया गया. इसके बाद परेड की औपचारिक शुरुआत हुई.
तीनों सेनाओं के अलावा अर्धसैनिक बलों के जवानों ने परेड में हिस्सा लिया. विभिन्न मंत्रालयों की झांकी भी निकालीं गईं और बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए. इस साल झांकियों में दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों को भी पेश किया गया. हालांकि दिल्ली में हुई परेड में दिल्ली की ही झांकी नहीं थी.
खेल और युवा मामलों के मंत्रालय की झांकी में हॉकी, शूटिंग और तैराकी के क्षेत्र में खिलाड़ियों की उपलब्धियों को पेश किया गया. घने कोहरे के बावजूद बड़ी संख्या में लोग राजपथ पर परेड देखने के लिए पहुँचे थे.
कड़ी सुरक्षा
विजय चौक से लेकर लाल किले तक परेड के आठ किलोमीटर रास्ते के रास्ते की सुरक्षा के लिए लगभग 15 हज़ार जवान तैनात किए गए थे. इधर भारतीय वायु सेना ने गणतंत्र दिवस के पहले दिल्ली और इसके आसपास के अपने हवाई अड्डों को सतर्क कर दिया था. इसके पहले भारत सरकार ने विमानतल पर और ख़ासकर पड़ोसी देशों में उड़ान भरने वाली एयर इंडिया की उडा़नों में शुक्रवार से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी.
अधिकारियों के अनुसार पश्चिमी एजेंसियों से मिली इन ख़ुफ़िया सूचनाओं के बाद ये सुरक्षा बढ़ाई गई थी कि पाकिस्तान का चरमपंथी संगठन लश्करे तैबा और दूसरे चरमपंथी संगठन आसपास के देशों के लिए उड़ान भरने वाले विमान के अपहरण की योजना बना रहे हैं.
इस मौक़े पर राजधानी दिल्ली सहित पूर्वोत्तर राज्यों और भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में ख़ास एहतियात बरती जा रही है. दिल्ली में परेड क्षेत्र और राजपथ के आसपास के सभी रास्तों को पुलिस ने अपनी निगरानी में ले लिया था. राजधानी में जगह-जगह पर नाकेबंदी की गई थी. सीमावर्ती राज्यों से राजधानी क्षेत्र में प्रवेश कर रहे सभी वाहनों की तलाशी ली जा रही थी. दिल्ली के कई रास्तों पर दोपहर बाद तक के लिए आम यातायात बंद रखा गया था और दोपहर तक के लिए मैट्रो रेलों के आवागमन को भी रोक दिया गया था.












Click it and Unblock the Notifications