ग्वांतानामो: फ़ैसले की निंदा

मानवाधिकार के लिए काम करने वाली संस्था अमरीकन सिविल लिबर्टीज़ यूनियन (एसीएलयू) ने इस सिफ़ारिश की निंदा की है कि ग्वांतानामो बंदीगृह में क़ैद 47 लोगों को बिना मुक़दमा चलाए अनिश्चितकाल के लिए वहाँ रखा जाना चाहिए.
उल्लेखनीय है कि अमरीका के न्याय मंत्रालय ने सिफ़ारिश की है कि ये 47 लोग बहुत ख़तरनाक हैं इसलिए उन्हें रिहा नहीं किया जाना चाहिए और उन पर मुक़दमा भी नहीं चलाना चाहिए क्योंकि जो सबूत हैं वो अमरीकी अदालत के लिए पर्याप्त नहीं हैं.
एसीएलयू के कार्यकारी निदेशक एंटनी रोमेरो ने कहा है कि यदि इन लोगों को क़ैद में रखा जाता है तो ग्वांतानामो बंदीगृह का बंद किया जाना सिर्फ़ एक प्रतीक बनकर रह जाएगा.
हालांकि राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस ने कहा है कि राष्ट्रपति के लिए न्याय मंत्रालय की की सिफ़ारिश को स्वीकार करना ज़रुरी नहीं है.
यह विवाद ऐसे समय में हो रहा है जब राष्ट्रपति बराक़ ओबामा अपने वादे मुताबिक़ ग्वांतानामो के बंदीगृह को बंद करने की समय सीमा में उसे बंद करने में सफल नहीं हो सके हैं.
राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ग्वांतानामो बंदीगृह को बंद करने के लिए 22 जनवरी की समय सीमा तय की थी.
निंदा
उल्लेखनीय है कि न्याय मंत्रालय ने शुक्रवार को इन 47 क़ैदियों को क़ैद में रखने के अलावा सिफ़ारिश की थी कि 35 अन्य क़ैदियों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाया जाना चाहिए. मंत्रालय ने कहा था कि मुक़दमा चाहे संघीय अदालत में चलाया जाए या फिर सैन्य अदालत में.
मंत्रालय ने 110 क़ैदियों को अभी या बाद में किसी तारीख़ में रिहा करने की सिफ़ारिश की थी.
एसीएलयू ने एक बयान में ग्वांतानामो के बंदीगृह को बंद किए जाने की अपनी अपील दोहराते इस बात पर आपत्ति जताई है कि क़ैदियों की ऐसी कोई श्रेणी भी मौजूद है.
एसीएलयू की राष्ट्रीय सुरक्षा परियोजना के निदेशक जाफ़र जमील ने कहा है, "यदि इन क़ैदियों के ख़तरनाक होने के बार में कोई विश्वसनीय सबूत हैं तो इन पर आपराधिक मुक़दमा चलाकर उसे पेश क्यों नहीं किया जा सकता."
उन्होंने कहा है, "यदि कोई ख़तरनाक है तो दंड विधान उस व्यक्ति को सज़ा देने के लिए पर्याप्त है और दूसरी ओर संघीय अदालतें इस बात के लिए सक्षम हैं कि वह किसी अभियुक्त को न्यायोचित मुक़दमे का अवसर देने के साथ ही गोपनीयता के सरकार के अनुरोध को भी स्वीकार कर सके."
बीबीसी के संवाददाता एडम ब्रूक्स का कहना है कि इस विवाद से बराक ओबामा के कई समर्थकों को निराशा होगी जो यह मानकर चल रहे थे कि वे बिना मुक़दमे के किसी को क़ैद में रखने की प्रथा को समाप्त करेंगे.
वैसे राष्ट्रपति ओबामा के पहले साल के कार्यकाल में 40 से अधिक क़ैदियों को ग्वांतानामो बंदीगृह से स्थानांतरित किया गया है.
ग्वांतानामो को बंद करने में कूटनयिक बाधाएँ हैं और घरेलू स्तर पर हो रहा विरोध है कि इन क़ैदियों को देश में कहीं रखा जाए.












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