हिमाचल: रोजगार कार्यालय ऑनलाइन होंगे

स्वास्थ्य मंत्री डॉ़ राजीव बिन्दल ने आज नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राज्यों के श्रम मंत्रियों के सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि अभी तक कुल 67 रोजगार कार्यालयों में से 16 रोजगार कार्यालयों को आनलाइन किया जा चुका है तथा निकट भविष्य में बाकि बचे सभी रोजगार कार्यालयों को चरणबद्घ तरीके से ऑनलाइन किया जाएगा, जिसके लिए साफ्टवेयर विकसित कर लिया गया है। उन्होंने भारत सरकार द्वारा रोजगार कार्यालयों के आधुनिकीकरण के लिए शुरू किये गए मिशन मोड प्रोजैक्ट के अंतर्गत राज्य को उत्तर पूर्वी राज्यों की तरह 90:10 के अनुपात में सहायता राशि जारी करने का अनुरोध किया।
इससे खत्म होंगे विवाद
डॉ़ राजीव बिन्दल ने सीमेंट उद्योग को केन्द्रीय सरकार की नियंत्रित उद्योग की सूची से बाहर करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इस समय राज्य में लगभग 10 सीमेंट के कारखाने चल रहे हैं तथा वहां आए दिन कामगारों एवं प्रबन्धकों के बीच विभिन्न प्रकार के विवाद उठते रहते हैं लेकिन राज्य सरकार कोई प्रभावी भूमिका अदा नहीं कर सकती जबकि भारत सरकार के श्रम विभाग का एकमात्र कार्यालय शिमला में है तथा उसे भारत सरकार के सभी विभागों के कार्यरत कर्मचारियों एवं नियंत्रित उद्योगों को देखना होता है तथा सीमित उपस्थिति की वजह से वह पूरे राज्य में प्रभावी भूमिका अदा नहीं कर पाते हैं। उन्होंने कहा कि सीमेंट उद्योग को नियंत्रित उद्योग की सूची से बाहर निकालने पर राज्य सरकार सक्षम एवं प्रभावी भूमिका अदा कर सकेगी।
डॉ़ राजीव बिन्दल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला ऐसा प्रदेश है, जहां पर सभी कामगारों को पहचानपत्र देना अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत अब तक राज्य में 2.10 लाख से भी ज्यादा कामगारों को पहचान पत्र जारी किए गए हैं। उन्होंने श्रम कानूनों में संशोधन करके ठेका श्रमिकों की वेतन अदायगी को भी चैक के माध्यम से प्रदान करने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे कामगारों के शोषण को समाप्त करने में मदद मिलेगी।
डॉ़ राजीव बिन्दल ने ई़ एस़ आई एवं ई़ पी़ एफ खातों को भी ऑनलाइन करने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे कामगारों को अपने खाते को चैक करने के लिए नियोक्ताओं पर निर्भरता खत्म हो जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications