कई भाषाएं जानता है तालिबान से जुड़ा अफगान नागरिक
पटना, 23 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार के पूर्णिया जेल में बंद तालिबान से संबद्ध एक अफगान नागरिक जेल अधिकारियों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। एक तरफ जहां वह कई भाषाओं का जानकार है तो दूसरी तरफ जेल अधिकारियों द्वारा दिए जा रहे शाकाहारी भोजन के बजाय मटन और चिकन की मांग कर रहा है।
तालिबान के साथ अपने संबंधों को स्वीकार करने वाला अफगानी व्यक्ति जेल अधिकारियों को इस बात के लिए धमकी भी दे चुका है कि यदि उसे प्रतिदिन दो किलोग्राम मटन और एक किलोग्राम चिकन नहीं दिया गया तो वह भूख हड़ताल शुरू कर सकता है। उसने पुलिस को बताया है कि वह कई भाषाएं बोल सकता है।
गुलाम रसूल खान उर्फ खान मिर्जा को पूर्णिया जिले में उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वह बांग्लादेश में घुसने की कोशिश कर रहा था। वर्तमान में उसे दो दिनों की पुलिस हिरासत में रखा गया है।
पूर्णिया जेल में खान मिर्जा से पूछताछ करने गए एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, " गुलाम रसूल खान ने हमें बताया कि वह उर्दू, हिन्दी, मलयालम, तेलुगू, कन्नड़ और अंग्रेजी सहित कई भाषाएं जानता है।"
पुलिस अधिकारी ने बताया, "कई भाषाओं का उसका ज्ञान ही यह दर्शाता है कि वह अपने अभियान में कितना दक्ष है। पूछताछ के दौरान पुलिस की टीम कई भाषाओं के उसके ज्ञान को देखकर दंग रह गई थी।"
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यू.एस.दत्त ने कहा, " उसने तालिबान के साथ अपने संबंधों के बारे में पुलिस को बताया है।"
खुफिया जानकारियों के मुताबिक खान को 13 जनवरी को उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब वह भारत-बांग्लादेश सीमा पार करने की कोशिश कर रहा था। उसके पास से एक पाकिस्तानी पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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