सपा के एजेंडे के खिलाफ अमर ने की पूर्वाचल राज्य की मांग
वाराणसी में बुधवार को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे सिंह ने कहा कि पूर्वाचल अलग राज्य बनना ही चाहिए। बिना अलग राज्य बने पूर्वाचल का विकास संभव नहीं है। सपा के सभी पदों से इस्तीफा देने और उसे स्वीकार कर लिए जाने के बाद अमर सिंह पहली बार प्रदेश में किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उल्लेखनीय है कि सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश को बांटकर बुंदेलखंड, हरित प्रदेश और पूर्वाचल राज्य का गठन किए जाने की मांग का लगातार विरोध करते रहे हैं।
अमर ने कहा, "पूर्वाचल विकास निधि अफसरों के जेब में चली जाती है। ऐसे में मुझ्झे नहीं लगता है कि बिना पूर्वाचल राज्य बने यहां का विकास होगा। अलग राज्य बनने के बाद ही पूर्वाचल को इसका गौरव मिलेगा।"
सिंह ने कहा कि अगर पूर्वाचल को अलग राज्य बनाने के लिए आमरण अनशन की जरूरत पड़ी तो वह और उनका क्षत्रिय समाज उसमें भी पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने बिना सपा का नाम लिए कहा कि जो भी दल पूर्वाचल के गठन का विरोध करेगा, यहां की जनता उसे सबक सिखा देगी।
उन्होंने कहा कि अगर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री मायावती पृथक राज्य के लिए गंभीर हैं, तो वह प्रधानमंत्री को चिट्ठी न लिखकर पूर्वाचल को अलग राज्य बनाने का प्रस्ताव विधानसभा में पारित कराएं।
इस मौके पर अमर सिंह ने ऐलान किया कि उन्होंने अपने 20 साल मुलायम सिंह और सपा की सेवा में लगाए, लेकिन अब वह अपना समय अपने समाज के लोगों के उत्थान के लिए देंगे।
अमर ने कहा कि अभी तक सरकार चाहे वह मायावती की रही हो या मुलायम सिंह की प्रदेश में क्षत्रियों और अति पिछड़ों के साथ भेदभाव होता रहा है। उन्होंने मुलायम सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा सरकार में तो सिर्फ एक खास जाति के लोगों का भला हुआ, लेकिन अब वह क्षत्रियों और अति पिछड़ों को एकजुट कर उनके उत्थान की लड़ाई लड़ेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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