बसु की राह चलेंगे बुद्धदेव व सोमनाथ
कोलकाता, 20 जनवरी (आईएएनएस)। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के वयोवृद्ध दिवंगत नेता ज्योति बसु की तर्ज पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी मरनोपरांत अपने शरीर को चिकित्सा विज्ञान की सेवा में दान करने की इच्छा जताई है।
गणदर्पण नामक एक स्वयंसेवी संस्था के मुताबिक भट्टाचार्य और चटर्जी ने अपना शरीर दान देने की इच्छा जताई है। 1977 में स्थापित यह संस्था अंधविश्वास मिटाने के लिए लोगों को अपना शरीर दान देने के लिए प्ररित करती है।
संस्था के महासचिव ब्रज रॉय ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि वर्ष 1986 से अब तक पूरे राज्य में 1400 से अधिक लोग अपना शरीर दान कर चुके हैं। 1986 से अब तक 70,000 लोग अपना शरीर दान करने की इच्छा जता चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि दिवंगत बसु ने 2003 में अपना शरीर चिकित्सा विज्ञान के लिए दान करने की इच्छा जताई थी। बसु के शव को इसी के तहत मंगलवार को कोलकाता के प्रतिष्ठित एसएसकेएम अस्पताल को सौंपा गया।
रॉय ने कहा, "बसु द्वारा अपना शरीर दान किए जाने के बाद इससे प्रेरित होकर और भी लोग अपना शरीर दान करेंगे।"
भट्टाचार्य और चटर्जी के अलावा माकपा नेता और स्वास्थ्य मंत्री सूर्यकांत मिश्रा, निसिथ अधिकारी, विनय कोनार विकास रंजन भट्टाचार्य, तृणमूल कांग्रेस के विधायक फरहद हकीम भी अपना शरीर दान करने की इच्छा जता चुके हैं।
बसु से पहले जिन प्रमुख हस्तियों ने अपना शरीर दान किया है वे हैं- वरिष्ठ पत्रकार गौर किशोर घोष, प्रसिद्ध साहित्यकार गौरी अयूब, माकपा नेता अनिल विश्वास, विनय चौधरी, चित्तव्रत मजूमदार, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के इला मित्रा और रानेन सेन।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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