बुंदेलखंड की दुर्दशा के लिए राज्य सरकारें जिम्मेदार : राहुल (लीड-1)
मध्य प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर आए राहुल गांधी ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी भी पृथक बुंदेलखंड राज्य की बात नहीं कही है। उन्होंने कहा, "मैंने यही कहा है कि बुंदेलखंड पिछड़ा इलाका है और उसके विकास की जरूरत है।"
राहुल ने कहा कि बुंदेलखंड के विकास के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री से भी बात की है। उन्होंने कहा, "इस क्षेत्र को लेकर समस्या यह है कि यहां विरोधी दलों की सरकारें हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली से जो राशि भेजी जाती है, वह इस क्षेत्र की जनता को सुविधाओं पर खर्च नहीं की जाती। इसकी जिम्मेदारी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों की सरकारों पर है।"
मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आर्थिक सहयोग न मिलने के आरोपों का जवाब देते हुए राहुल ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश को केंद्र से 1,000 करोड़ से बढ़कर 6,000 करोड़ रुपये मिले हैं। उन्होंने कहा, "राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार पर आरोप लगाना आसान है मगर उसके पास इस बात का जवाब नहीं है कि दिल्ली से पहले भेजे गए 1,000 करोड़ ही खर्च क्यों नहीं किए जा सके।"
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि देश का युवा हिंदुस्तान को बदलना चाहता है लेकिन उसके लिए राजनीति का दरवाजा बंद है, इसीलिए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) और युवक कांग्रेस इस कोशिश में लगा है कि युवाओं को आसानी से राजनीति में लाया जाए।
राहुल गांधी कहा कि उनकी कोशिश है कि आम लोग तथा खासकर युवा राजनीति में आकर विधायक और सांसद बने। उन्होंने कहा, "इसमें सबसे बड़ी बाधा मौके की कमी है, इसको बदलने के लिए एनएसयूआई और युवक कांग्रेस ने चुनाव की प्रक्रिया को अपनाया है ताकि राजनीति में आने की इच्छा रखने वाले इसमें शामिल हों।"
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि एनएसयूआई की चुनाव प्रक्रिया में अपराधियों के प्रवेश को रोकने के पूरे इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव एक विशेष गैर सरकारी संगठन की देखरेख में कराए जा रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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