डीम्ड विश्वविद्यालय समाप्त किए जाएंगे, पर छात्रों के हितों का रखा जाएगा ख्याल : सिब्बल (राउंडअप)
सामाजिक मुद्दों पर 10वें संपादक सम्मेलन से इतर पत्रकारों से चर्चा में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, "यह एक नीतिगत फैसला है कि सभी डीम्ड विश्वविद्यालयों को समाप्त किया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि सरकार के इस फैसले से किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित नहीं होगा। सभी छात्रों को डिग्री मिलेगी।"
सिब्बल का यह बयान सोमवार को सरकार की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में पेश किए गए उस हलफनामे के बाद आया है जिसमें 44 डीम्ड विश्वविद्यालयों की मान्यता समाप्त किए जाने की बात कही गई थी।
सिब्बल ने कहा कि भविष्य में सभी डीम्ड विश्वविद्यालयों को समाप्त कर दिया जाएगा और यह एक शिक्षा में सुधार की प्रकिया का हिस्सा है। इसके लिए आवश्यक कानून बनाया जा रहा है।
देश में इस समय 100 डीम्ड विश्वविद्यालय हैं जो एक स्वतंत्र विश्वविद्यालय के तौर पर काम करते हैं लेकिन किसी अन्य संस्थान को संबद्धता नहीं दे सकते।
सिब्बल ने कहा, "डीम्ड विश्वविद्यालयों के छात्रों को किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेग। तकनीकी रूप से हमने किसी भी डीम्ड विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त नहीं की। डीम्ड विश्वविद्यालयों पर एक समिति की रिपोर्ट और एक शपथ-पत्र के साथ हम सर्वोच्च न्याायालय में गए।"
यह पूछे जाने पर कि क्या इसके लिए अर्जुन सिंह को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए क्योंकि उनके कार्यकाल के दौरान इन संस्थाओं को डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा किया था, इसके जवाब में सिब्बल में कहा, "मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहूंगा। मैं पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहता। हम शिक्षा में सुधार की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मैं आगे की ओर देख रहा हूं और वही कर रहा हूं।"
उन्होंने कहा कि सभी छात्रों के हितों का ध्यान रखा जाएगा और सरकारी संस्थान किसी भी छात्र के लिए समस्या नहीं खड़ी करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने 44 डीम्ड विश्वविद्यालयों की मान्यता समाप्त करने की समिति की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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