जनता के साथ सोनिया, हसीना और आडवाणी ने भी दी बसु को श्रद्धांजलि (लीड-3)

हसीना और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति एच.एम. इरशाद के अलावा वहां के कई मंत्री वाम नेता बसु को श्रद्धांजलि देने यहां पहुंचे। इनकी अगुवानी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने किया।

राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी की ओर से बसु को पुष्पांजलि अर्पित की गई। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी श्रद्धांजलि दी। उनके साथ केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी थे।

पूर्व प्रधानमंत्री एच .डी. देवेगौड़ा, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ट नेता लालकृष्ण आडवाणी भी बसु को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां पहुंचे। बसु के अंतिम दर्शन और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए माकपा के महासचिव प्रकाश करात, पश्चिम बंगाल, केरल और त्रिपुरा के मुख्यमंत्रियों सहित माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य मौजूद थे।

इन लोगों के अलावा के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी, जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष शरद यादव, राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू सहित कई बड़े राजनीतिज्ञ उपस्थित हुए।

बसु एक जन नेता थे और इसकी एक बानगी उनके अंतिम यात्रा के दौरान दिखी। बसु की अंतिम यात्रा सुबह 7.30 बजे से आरंभ हुई। उनका पार्थिव शरीर लाल ध्वज में लिपटा हुआ था। उनके शव को अंतिम दर्शन के लिए मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के अलीमुद्दीन स्ट्रीट पर स्थित राज्य मुख्यालय लाया गया।

कोलकाता के अलीमुद्दीन स्ट्रीट इलाके में स्थित माकपा के मुख्यालय पर दिवंगत वाम नेता ज्योति बसु का पार्थिव शरीर पहुंचते ही माहौल गमगीन हो गया। हर तरफ 'लाल सलाम' और 'ज्योति बाबू अमर रहे' जैसे नारे सुनाई दिए।

बसु का पार्थव शरीर शव गृह से दो किलोमीटर की यात्रा के बाद अलीमुद्दीन स्ट्रीट ले जाया गया। अंतिम यात्रा के दौरान हजारों की संख्या में लोग अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन के लिए उमड़े। कोलकाता पुलिस के जवान और तीन पायलट कारें बसु की अंतिम यात्रा में साथ थे।

पूरा अलीमुद्दीन स्ट्रीट लाल झंटों और बैनरों से पटा पड़ा था। बैनरों पर रवींद्रनाथ टैगोर की कुछ रचनाओं के अंश अंकित थे। इलाके में सड़क के दोनों ओर माकपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने मानव श्रृंखला बना रखी थी।

अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए लोग विभिन्न इलाकों से यहां पहुंचे थे। मजरहाट से पहुंचे बिमल बोस ने आईएएनएस से कहा, "मैं इस महान शख्स के अंतिम दर्शन के लिए सुबह ही यहां पहुंच गया। वह हमारे नेता थे।"

गौरतलब है कि वर्ष 1977 से 2000 तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे बसु का रविवार को निधन हो गया था। वह 95 वर्ष के थे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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