तालिबान के खिलाफ पाकिस्तान से और कार्रवाई चाहता है अमेरिका (लीड-1)
नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। अफगानिस्तानऔर पाकिस्तान में जारी हिंसा को लेकर भारत की चिंताओं से सहमति जताते हुए विशेष अमेरिकी दूत रिचर्ड हॉलब्रुक ने सोमवार को कहा कि वह हताश व क्रूर तालिबानियों से निपटने के लिए पाकिस्तान से और कार्रवाई की उम्मीद करते हैं। इसके साथ ही हॉलब्रुक ने काबुल में ताजा हमले के लिए तालिबान पर आरोप लगाया।
हॉलब्रुक ने कहा कि सोमवार को काबुल में हुए हमले के पीछे अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय क्रूर तालिबान और चरमपंथी समूहों का हाथ है।
हॉलब्रुक ने सोमवार को विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा से मुलाकात की और 28 जनवरी को हो रहे लंदन सम्मेलन को लेकर अपने दृष्टिकोण पर चर्चा की।
कृष्णा 28 जनवरी को अफगान मुद्दे पर होने जा रहे लंदन सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस सम्मेलन की मेजबानी ब्रिटिश प्रधानमंत्री गार्डन ब्राउन, अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की-मून संयुक्त रूप से कर रहे हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने कहा है कि कृष्णा ने अफगानिस्तान में क्षतिग्रस्त हुई अधोसंरचनाओं के पुनर्निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता से हॉलब्रुक को अवगत कराया और लंदन सम्मेलन में भारत द्वारा प्रस्तावित की जाने वाली नई पहलों के बारे में चर्चा की।
भारत ने अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए 1.3 अरब डॉलर की मदद का संकल्प लिया है। इस मदद के साथ भारत अफगानिस्तान के लिए सबसे बड़ा क्षेत्रीय दानदाता बन गया है।
हॉलब्रुक ने कृष्णा के साथ अफगानिस्तान-पाकिस्तान के नेताओं के साथ हुई अपनी चर्चाओं को साझा किया। कृष्णा से बातचीत के बाद उन्होंने कहा, "मैं अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होकर आया हूं और मैं अपनी इस यात्रा के बारे में भारत को जानकारी दे रहा हूं और उस पर भारत के विचार और सुझाव ले रहा हूं।"
हॉलब्रुक अफगानिस्तान में पसरे हालात पर चर्चा के लिए रविवार को इस्लामाबाद से यहां आए हैं।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत (एनडब्ल्यूएफपी) में तालिबान का विस्तार, पिछले सप्ताह पाकिस्तान दौरे के दौरान वहां के नेताओं के साथ बातचीत का मुख्य विषय था।
संवाददाताओं ने जब उनसे पूछा कि क्या एनडब्ल्यूएफपी में तालिबानी गतिविधियों में आई बढ़ोतरी का मुद्दा भी उन्होंने उठाया था, इस पर उन्होंने कहा, "निश्चित रूप से। पाकिस्तान के साथ हमारी चर्चा का यह मुख्य विषय था।"
हॉलब्रुक से जब संवाददाताओं ने काबुल में सोमवार को हुए हमले के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, "इस कार्रवाई को तालिबान ने अंजाम दिया है, इसमें जरा भी संदेह नहीं है। वे हताश और निर्दयी लोग हैं।"
उन्होंने कहा, "जो लोग ऐसा कर रहे हैं वे न तो बच पाएंगे और न सफल ही हो पाएंगे। लेकिन हमें नियमित तौर पर इस तरह के हमलों का सामना करना पड़ सकता है।"
हॉलब्रुक ने जोर देकर कहा, "वे अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमावर्ती इलाके में सक्रिय चरमपंथी समूहों के हिस्से हैं। यहां भारत का हर व्यक्ति जानता है कि वे इस तरह की हताशापूर्ण कार्रवाइयों को हमेशा अंजाम देते रहते हैं।"
ज्ञात हो कि काबुल में सोमवार को हुए विस्फोट में कई लोग मारे गए हैं और कई घायल हो गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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