राजस्थान सरकार और क्लिंटन फाउण्डेशन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए
इस समझौते के तहत राजस्थान में प्रचुर मात्रा में सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन के लिए सौर ऊर्जा पार्क विकसित किए जाएंगे, जिसमें क्लिंटन फाउण्डेशन द्वारा तकनीकी एवं अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर राज्य के मुख्य सचिव टी.श्रीनिवासन, प्रमुख वित्त सचिव सी. के. मैथ्यू और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्रीमत पाण्डे के अलावा क्लिंटन फाउण्डेशन के प्रतिनिधि और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सूर्य की किरणों की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता की अनुकूल परिस्थितियों का दोहन कर भविष्य में जनता की आवश्यकताओं के मद्देनजर ऊर्जा के गैरपरम्परागत स्रोतों का अधिकाधिक विकास करने के लिए प्रतिबद्घ है।
गहलोत ने प्रदेश के लोगों के दूरगामी हितों के लिए इसे महत्वपूर्ण समझौता करार देते हुए क्लिंटन फाउण्डेशन की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर इसमें पूरा सहयोग प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति रूप में बिल क्लिंटन प्रदेश यात्रा की स्मृतियों को ताजा करते हुए कहा कि वे अपनी उस यात्रा के बाद काफी खुश थे और उन्होंने ग्रामीण विकास और डेयरी क्षेत्र में काफी रूचि दर्शाई थी।
क्लिंटन फाउण्डेशन के चेयरमैन मैगेजीनर में राजस्थान में बड़े पैमाने पर सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन की सम्भावनाओं को रेखांकित करते हुए कहा कि आने वाले समय में प्रदेश न केवल अपने लिए बल्कि पूरे देश के लिए सौर ऊर्जा से विद्युत उत्पादन कर सकेगा। उन्होंने कहा कि फाउण्डेशन जल्द ही प्रदेश में सौर ऊर्जा पार्क विकसित करने के लिए सम्भाव्यता रिपोर्ट तैयार करेगा तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसके लिए विकासकर्ता, तकनीक प्रदाता, निवेशक की पहचान कर सभी प्रकार की तकनीकी, वित्तीय और नीतिगत विश्लेषण के क्षेत्रों में सहयोग उपलब्ध कराएगा।
फाउण्डेशन द्वारा राज्य में 3 से 5 हजार मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा पार्क विकसित करने में तकनीकी एवं अन्य प्रकार का सहयोग दिया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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