मैं बंधनमुक्त हो गया हूं : अमर सिंह (लीड-2)
मुलायम द्वारा अपना इस्तीफा कबूल किए जाने के एक दिन बाद अमर सिंह ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, "उन्होंने (मुलायम) ने मुझे बंधन-मुक्त कर दिया।"
राज्यसभा सदस्य सिंह ने कहा, "मैंने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ कभी न बोलने का प्रण लिया था और इस प्रण को नहीं तोड़ूंगा। परंतु पार्टी महासचिव के पद पर होने की वजह से कुछ मुद्दे थे जिनके बारे में बात नहीं कर सकता था। अब मैं करूंगा।"
अभिनेता से नेता बने संजय दत्त और बहुत से अन्य समर्थकों से घिरे अमर सिंह ने उनसे कहा कि वे मुलायमवादी नहीं समाजवादी बने। अमर सिंह ने उनसे मुलायम की चापलूसी न करने को कहा।
अमर सिंह ने अंग्रेजी भाषा और कंप्यूटर शिक्षा की वकालत की। उन्होंने कहा, "ग्रामीण और शहरी बच्चों के लिए समान शिक्षा होनी चाहिए। अब मैं गांवों में कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा दूंगा। मैं अमिताभ बच्चन से भी अनुरोध करूंगा कि वह ग्रामीण बच्चों को उनके पिछड़ेपन का मुकाबला करने के लिए कंप्यूटर और अंग्रेजी को बढ़ावा देने में मेरी सहायता करें।"
उन्होंने कहा कि वह इसमें सपा सांसद जयाप्रदा की स्वयंसेवी संस्था की भी मदद लेंगे।
सपा ने अपने चुनाव घोषणा पत्र में अंग्रेजी और कंप्यूटर शिक्षा पर प्रतिबंध लगाने की प्रतिबद्धता जाहिर की थी।
उन्होंने कहा कि वह आगे भी पार्टी के 'सच्चे सिपाही' बने रहेंगे। उन्होंने कहा, "जब तक वे मुझे बाहर नहीं निकाल देंगे, तब तक मैं पार्टी में बना रहूंगा।"
सिंह ने कहा कि उन्होंने पार्टी के प्रमुख पदों से इस्तीफा देने का निर्णय चिकित्सकों की सलाह पर लिया था। उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा देना किसी तरह की 'ब्लैमेलिंग' नहीं थी।
गौरतलब है कि पिछले दिनों अमर सिंह ने दुबई से सपा के महासचिव, प्रवक्ता और संसदीय बोर्ड के सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस्तीफे को पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने रविवार को स्वीकार कर लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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