आंध्र प्रदेश में बोरवेल में गिरे बच्चे को बचाने के प्रयास जारी
एक अधिकारी ने बताया कि रविवार शाम को वारंगल शहर से 90 किलोमीटर दूर चंद्रुतांता के पोलेपेल्ली गांव में धरवाथ महेश नाम का बच्चा एक बोरवेल में गिर गया।
जिलाधिकारी एन.श्रीधर और जिला पुलिस अधीक्षक शहनवाज कासिम की निगरानी में सिंगारेनी कोयला खदान से बुलाई गई पुलिस और अग्नि शमन दल के कर्मियों की एक टीम बचाव अभियान में लगी हुई है।
जिला राजस्व अधिकारी ने बताया कि रविवार रात को बोरवेल में कैमरा से ली गई तस्वीर से बोरवेल में कुछ हलचल के संकेत मिले रहे हैं।
बोरवेल के समानांतर एक गढ्ढा खोदा जा रहा है और एंबुलेंस के कर्मचारी लगातार उसमें आक्सीजन पम्प कर रहे हैं।
लड़के के पिता धरवाथ रवि ने पुलिस को बताया कि जब परिवार के सदस्य खेत में मुंगफली खोदने में व्यस्त थे तभी दुर्घटनावश खुले बोरवेल में लड़का गिर गया।
देश में खुले बोरवेल में बच्चों के गिरने की यह कोई पहली घटना नहीं है।
मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में वर्ष 2009 के दिसम्बर में एक ढाई साल का बच्चा बोरवेल में गिर गया था । बाद में 13 घंटे से अधिक के बचाव अभियान के बाद उसे बचाया गया।
हरियाणा के शाहबाद में वर्ष 2006 के जुलाई में 53 गहरे और 1.5 फीट चौड़े बोरवेल गिरे पांच वर्षीय प्रिंस को दो दिन चले बचाव अभियान के बाद बचाया जा सका था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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