ज्योति बाबू का जाना, एक युग का अंत : प्रधानमंत्री
नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने वयोवृद्ध मार्क्सवादी नेता ज्योति बसु के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने बसु को ऐसा निष्ठावान व सबकी सहमति से चलने वाला नेता बताया, जिनसे वह अक्सर सलाह लिया करते थे।
बसु के बेटे चंदन बसु को भेजे शोक संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल के इस पूर्व मुख्यमंत्री के निधन से भारतीय राजनीति के एक युग का अंत हो गया।
प्रधानमंत्री ने कहा, "पश्चिम बंगाल में 20 से अधिक वर्षो तक के अपने शासन के दौरान उन्होंने खुद को स्वतंत्र भारत के सबसे कुशल प्रशासक और राजनेता के तौर पर स्थापित किया।"
"वह राष्ट्रीय स्तर पर बहुत ही शक्तिशाली क्षेत्रीय आवाज थे। उन्होंने हमारे संघीय ढांचे को मजबूती प्रदान की।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "व्यक्तिगत रूप से मेरा उनसे लंबा संबंध रहा है। अपने करियर के दौरान अक्सर मैं उनसे पश्चिम बंगाल से संबंधित या फिर राष्ट्रीय महत्व से जुड़े सभी मुद्दों पर सलाह लिया करता था।"
उन्होंने कहा, "उनकी सलाह हमेशा किसी राजनेता की तरह होती थी लेकिन वह व्यवहारिक होती थी क्योंकि वह मूल्यों पर आधारित होती थी। उनके पूरे राजनीतिक जीवन के दौरान उनमें ये गुण विद्यमान रहे।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "ऐसे महान देशभक्त और इतने बड़े विद्वान के निधन से मुझे निजी क्षति हुई है। उनके निधन पर मैं गहरी संवेदना प्रकट करता हूं।"
उन्होंने कहा कि बसु के निधन से भारतीय राजनीति के एक युग का अंत हो गया। छह दशकों से ज्यादा के लंबे अपने राजनीतिक करियर के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी को सत्ता तक पहुंचाया और वाम मोर्चे की सरकार के निर्बाध शासन की विरासत भी छोड़ी, जिसे उन्होंने अपने नेतृत्व और आम राय कायम करने के कौशल से संभव बनाया।
उन्होंने कहा, "70 के दशक में अशांत राज्य में राजनीतिक स्थिरता लाने, भू सुधार कार्यक्रमों से ग्रामीण बदलाव करने, लोकतांत्रिक व विकेंद्रीकृत शासन की उनकी शैली के लिए पश्चिम बंगाल की जनता उन्हें हमेशा याद रखेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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