भारत का दूसरा अवॉक्स विमान मार्च में आएगा
नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय वायुसेना को दूसरा एयरबार्न वार्निग एंड कंट्रोल सिस्टम (अवॉक्स) विमान मार्च में हासिल होगा। इससे दुश्मन की सीमा के भीतर की गतिविधियों और आने वाले खतरों का पता लगाने की वायुसेना की क्षमता में वृद्धि होगी।
वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर आईएएनएस को बताया, "दूसरा अवॉक्स मार्च में आएगा। तय समय में थोड़ा विलंब हुआ है लेकिन इससे वायुसेना की क्षमता में बहुत वृद्धि होगी।"
वायुसेना ने इजरायल से तीन अवॉक्स विमान खरीदे हैं। इनमें से पहला पिछले वर्ष मई के अंत में भारत को मिला था।
पहले अवॉक्स के समान ही इस बार भी फॉल्कन एयरबार्न राडार को मालवाहक विमान आईएल-76 में लगाया गया है।
आगरा वायुसैनिक अड्डे पर अवॉक्स विमान से मिलने वाली सूचनाओं को हासिल करने और विश्लेषण के लिए जमीनी व्यवस्था पहले से ही तैयार है।
विमानों, क्रूज मिसाइलों और किसी भी उड़ रही वस्तु को बहुत दूर से ही पता लगाने में सक्षम अवॉक्स मिसाइल प्रक्षेपण और शत्रु की अग्रिम इकाइयों के बीच गोपनीय संचार जैसी जमीनी गतिविधियों को भी पकड़ने में सक्षम है।
भारत अब अमेरिका, रूस,ब्रिटेन, जापान, आस्ट्रेलिया और तुर्की जैसे देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास अवॉक्स विमान हैं। पाकिस्तान, ब्राजील और ग्रीस के पास भी अवॉक्स प्रणालीयुक्त विमान हैं, परंतु उनकी क्षमता तुलनात्मक रूप से कम है।
अवॉक्स विमानों की परियोजना भारत, इजरायल और रूस की त्रिपक्षीय परियोजना है। वर्ष 2004 में 1.1 अरब डॉलर के इस सौदे पर हस्ताक्षर हुए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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