सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञ होंगे सांस्कृतिक संस्थाओं के प्रमुख : प्रधानमंत्री

मनमोहन सिंह ने कहा, "यह समय हमारे संस्थानों, हमारे संग्रहालयों, हमारे पुस्तकालयों और अकादमियों में परिवर्तन की बयार लाने का है। मेरे विचार से संस्कृति मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकता हमारे सांस्कृतिक संसाधनों और संस्थानों के प्रबंधन को पेशेवर बनाने की होनी चाहिए।"

मौलाना अबुल कलाम आजाद एशियाई अध्ययन संस्थान के नए परिसर के टेली-उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने यह टिप्पणी की। उन्होंने सांइस सिटी में विज्ञान अन्वेषण सभागार की नींव भी रखी।

उन्होंने जोर दिया कि देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का कार्य देश में उपलब्ध श्रेष्ठ पेशेवरों के हाथों में सौंपा जाना चाहिए।

सिंह ने कहा, "हम मानते हैं कि नौकरशाही की आदत सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और संरक्षण को नकारने की है। इसलिए पहले निर्णायक कदम के रूप में हमने राष्ट्रीय स्तर के आठ संस्थानों के प्रमुखों की नियुक्तियों के नियमों को उदार बनाया है। हम बहुत जल्द भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और अन्य संस्थानों में उत्कृष्ट पेशेवरों को प्रमुख नियुक्त करने जा रहे हैं।"

अपने 20 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार इन संस्थानों के बेहतर संचालन के लिए कार्यात्मक स्वायत्तता और स्वतंत्रता देने पर भी विचार कर रही है।

सिंह ने कहा, "मैंने हमेशा कहा है कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का जब सवाल हो तो कोष कभी भी बाधा नहीं बनना चाहिए।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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