हैती की तबाही का मंजर देख रो पड़ी कनाडा की गवर्नर जनरल
मिशेल एक शरणार्थी के रूप में वर्ष 1968 में कनाडा पहुंची थीं। आज कनाडा की पहली अश्वेत गवर्नर जनरल हैं। उन्होंने वर्ष 2005 में इस पद को संभाला था।
संवाददाता सम्मेलन में जब मिशेल हैती के हालात पर बोल रही थीं तो वह सिसक पड़ीं। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि हैती की राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस पर परमाणु बम गिरा दिया गया है। लोग मलबे में दबे हुए हैं और उन्हें कोई मदद नहीं मिल पा रही है। अस्पताल और स्कूल तबाह हो चुके हैं। लोग सड़कों पर आ गए हैं और उनके पास कुछ भी नहीं है।"
बयान देते समय मिशेल की आंखें भरी हुई थीं। उन्होंने कहा कि उनके लिए रात काटना कठिन हो गया था और वह पोर्ट-ओ- प्रिंस में अपने संबंधियों से संपर्क साधने की कोशिश करती रहीं।
उधर, कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने आपदा प्रबंधन विभाग के साथ एक बैठक की ताकि हैती को तत्काल राहत सामग्री मुहैया कराई जा सके ।
कनाडा की ओर से दवाओं, राहत सामग्री और आपदा सहायता दल भेजे जा रहे हैं। उसकी ओर से हैती को 50 लाख डॉलर की राशि मुहैया कराई जा रही है।
गौरतलब है कि हैती में मंगलवार को रिक्टर पैमाने पर सात की तीव्रता वाले भूकंप के शक्तिशाली झटके महसूस किए गए थे। भूकंप में 100,000 से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका जताई गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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