हैती में भारी तबाही, संयुक्त राष्ट्र के 150 कर्मचारी लापता (राउंडअप)
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने न्यूयार्क में कहा कि पोर्ट-ओ-प्रिंस के हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस हादसे में मरने वालों की तादाद काफी ज्यादा होगी। संयुक्त राष्ट्र के करीब 150 कर्मचारी लापता हैं।
इस बीच अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की ओर से यहां बड़े पैमाने पर राहत सामग्रियों के पहुंचने का सिलसिला भी गुरुवार को आरंभ हो गया।
हैती के राष्ट्रपति रेन प्रेवल ने कहा है कि हजारों की संख्या में लोग मारे गए हैं। अन्य अधिकारियों का कहना है कि भूकंप से एक लाख से अधिक लोगों की मौत हुई है।
प्रेवल ने सीएनएन से बातचीत में कहा, "मरने वालों की संख्या 50,000 भी बताई गई है और 30,000 भी। अभी कुछ निश्चित संख्या बता पाना मेरे लिए संभव नहीं है।"
राष्ट्रपति ने कहा कि मरने वालों की संख्या के बारे में आधिकारिक आकंड़ा नहीं मौजूद। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से मदद का आग्रह भी किया।
भूकंप से सबसे ज्यादा तबाही राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस और निकटवर्ती इलाकों में हुई है। भूकंप का केंद्र भी पोर्ट-ओ-प्रिंस से 15 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में था।
हैती के प्रधानमंत्री जीन मैक्स बेलेरिवे ने कहा कि उनके मुताबिक भूकंप में 100,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। अमेरिका में हैती के राजदूत रेमंड जोसेफ ने भी मरने वालों या लापता लोगों की संख्या 100,000 से अधिक बताई है।
रेडक्रास का कहना है कि हैती में फिलहाल 30 लाख से अधिक लोगों को मदद की दरकार हो सकती है। अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग ने इसे बीती एक शताब्दी का सबसे भयावह भूकंप करार दिया है।
भूकंप से हुई तबाही का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें राष्ट्रपति का निवास भी क्षतिग्रस्त हो गया है। राष्ट्रपति प्रेवल ने कहा कि सड़कों पर शव बिखरे पड़े हैं और लोगों के चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनी जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल असेंबली की इमारत में ही अभी कई लोग फंसे हुए हैं।
प्रेवल ने कहा, "संसद की इमारत, आयकर कार्यालय और स्कूल ढह चुके हैं। एक अस्पताल भी ढह गए हैं। ऐसे कई स्कूल हैं जहां कई लोग मरे पड़े हैं।"
उधर, संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि भूकंप से संयुक्त राष्ट्र के 14 शांतिकर्मी भी मारे गए हैं। मारे गए शंतिकर्मियों में 10 ब्राजीलियाई और जोर्डन के तीन सैनिक शामिल हैं। इनमें एक नागरिक भी है।
भूकंप में संयुक्त राष्ट्र के 50 से 100 कर्मचारियों का अभी कोई पता नहीं चल सका है। लापता कर्मियों में संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रमुख हेदी अन्नाबी और उप प्रमुख लुइज कार्लोस डा कोस्टा भी हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अवर महासचिव (शांतिरक्षक अभियान) एलन लीरॉय ने कहा, "इस बात की आशंका है कि ये लोग मलबे में दबे हैं। परंतु हम अभी इनके मरने की पुष्टि नहीं कर सकते।" फ्रांस के विदेश मंत्री बर्नार्ड काउचनर ने कहा कि अन्नाबी की मौत हो चुकी है।
हैती के एक निर्धन राष्ट्र है और यहां की आबादी लगभग 90 लाख है। यहां राजनीतिक अस्थिरता और भ्रष्टाचार चरम पर रहा है। हैती में लोग पहले भी प्राकृतिक आपदाओं के शिकार हुए हैं।
विश्व बैंक के अध्यक्ष रॉबर्ट जोलिक ने इस भीषण भूकंप की मार झेलने वाले हैती के लिए 10 करोड़ डॉलर की आपात राशि का एलान किया। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक हैती में तबाही और पुनर्निर्माण पर आने वाले खर्च का जायजा लेने के लिए एक दल भेज रहा है।
भारत ने दी 10 लाख डॉलर की मदद :
भारत ने भूकंप से क्षतिग्रस्त हैती को 10 लाख डॉलर की आपात सहायता दी है। भारतीय शांतिरक्षक और नागरिक पुलिस अधिकारी सुरक्षित पाए गए हैं।
मंगलवार को रिक्टर पैमाने पर आए सात की तीव्रता के भूकंप से लाखों लोगों के मारे जाने की आशंका है।
हैती में हुई मौतों और विनाश पर गहरी संवेदना जताते हुए भारत ने आपात सहायता के तौर पर हैती को 10 लाख डॉलर की नकद सहायता दी है।
विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि हैती से संपर्क करना अब भी कठिन है लेकिन भारत के सभी 140 संयुक्त राष्ट्र सुरक्षाकर्मी सुरक्षित हैं।
एक अधिकारी ने कहा कि मदर टेरेसा के मिशनरीज ऑफ चैरिटीज में काम करने वाली ननों सहित 40-50 भारतीय परिवारों के बारे में अभी कोई सूचना नहीं है।
विदेश मंत्रालय हैती में मौजूद भारतीयों के कल्याण के लिए क्यूबा में स्थित भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं, जिससे वर्तमान में हैती का कामकाज देखा जाता है।
हैती के भूकंप पीड़ितों के लिए वेबसाइट जारी :
अंतर्राष्ट्रीय रेड क्रास कमेटी (आईसीआरसी) ने हैती में आए भीषण भूकंप में लापता रिश्तेदारों को खोजने में पीड़ित परिवारों की मदद के उद्देश्य से गुरुवार को एक कार्यक्रम और वेबसाइट जारी किया।
समाचार एजेंसी डीपीए ने आईसीआरसी के हवाले से बताया कि इस वेबसाइट को जारी करने का मुख्य उद्देश्य अपने परिवार से अलग हुए सदस्यों के बीच संपर्क बहाल करना है।
ऐसा माना जा रहा है कि हैती में मंगलवार को आए 7 तीव्रता वाले भीषण भूकंप की वजह से हजारों परिवारों के सदस्यों का अपने परिवारों से संपर्क टूट गया है।
गौरतलब है कि परिजनों की जानकारी के लिए लोग वेबसाइट 'डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट फेमिलीलिंक्स डॉट आईसीआरसी डॉट ओआरजी' पर देख सकते हैं।
इसके अलावा रेड क्रास ने बचाव एवं राहत कार्यो में तेजी लाने के उद्देश्य से खोजबीन के काम में माहिर दो विशेषज्ञों सहित 11 कर्मचारियों को एक विमान से हैती भेजा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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