'ब्लड डायमंड' तो नहीं खरीद रहे हैं आप!
शिल्पा रैना
नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। यदि आप संदेहास्पद रूप से कम कीमत में चमकता हुआ हीरा खरीदने जा रहे हैं तो एक बार फिर सोच लें। आप जो खरीद रहे हैं वह एक 'ब्लड डायमंड' हो सकता है।
'ब्लड डायमंड्स' को 'कनफ्लिक्ट डायमंड्स' भी कहा जाता है। अफ्रीका के विद्रोही, सेना और आतंकवादी गुट अपनी गैरकानूनी गतिविधियों के लिए पैसा जुटाने के लिए इन्हें सस्ते में बेचते हैं। इस तरह के हीरों की बिक्री से प्रभावित होने वाले मुख्य देशों में सीएरा लिओन, अंगोला, लाइबेरिया और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य शामिल हैं।
इन हीरों के अपने देश में प्रवेश को रोकने के लिए भारत सहित 54 देशों ने 2003 में संयुक्त राष्ट्र की पहल पर किम्बरले प्रमाणीकरण प्रक्रिया को अपनाया था। इसके तहत प्रत्येक देश को यह प्रमाणित करना पड़ता है कि उसके हीरे 'कनफ्लिक्ट डायमंड्स' नहीं हैं।
किसी हीरे की प्रामाणिकता जानने का सबसे अच्छा तरीका उसकी जांच करना है। परीक्षण द्वारा पता चला है कि अलग-अलग खदानों से निकलने वाले हीरों की रासायनिक संरचना अलग-अलग होती है। पर परीक्षण की यह प्रक्रिया बहुत खर्चीली है।
मुंबई के हीरा व्यापारी विशाल गुप्ता ने आईएएनएस से कहा, "हीरों का विश्लेषण बहुत खर्चीली प्रक्रिया है। प्रत्येक हीरे की जांच करना बहुत मुश्किल है। इसलिए हीरा व्यापारी इस प्रक्रिया से गुजरने से बचते हैं।"
लियोनार्दो डीकैप्रियो अभिनीत फिल्म 'ब्लड डायमंड' बताती है कि किस तरह विद्रोही लोगों से जबरदस्ती हीरे की खदानों में काम कराते हैं जबकि विद्रोही सेनाएं बच्चों से भी जबरदस्ती काम कराती हैं।
इस फिल्म के जरिए लोगों में इस व्यापार के प्रति जागरूकता आई है। तनिष्क की डिजाइन प्रमुख संगीता दीवान कहती हैं कि जागरूकता के अलावा खरीददारों को सस्ते हीरों के प्रलोभन से भी बचना होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**












Click it and Unblock the Notifications