सुप्रिया सुले और अगाथा संगमा राकांपा राष्ट्रीय कार्यसमिति में (लीड-3)
नई दिल्ली, 12 जनवरी (आईएएनएस)। वंशवाद की राजनीति के नाम पर कांग्रेस से अलग होकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का गठन हुआ था लेकिन अब इसी राकांपा पर वंशवाद की राजनीति हावी होती जा रही है।
राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने पहले अपनी बेटी सुप्रिया सुले के लिए अपनी पारम्परिक सीट छोड़ी और बारामती से उन्हें लोकसभा पहुंचाया तो पार्टी के ही दूसरे सबसे वरिष्ठ नेता पी. ए. संगमा ने अपनी बेटी अगाथा संगमा के लिए अपनी पारम्परिक सीट तूरा छोड़ी।
इन नेताओं द्वारा अपनी बेटियों को आगे बढ़ाने का सिलसिला जारी है। सुले और अगाथा को मंगलवार को राकांपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति में भी शामिल कर लिया गया।
सुले पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुई हैं जबकि अगाथा भी पहली ही बार मेघालय की तूरा संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुनी गई हैं और उन्हें केंद्र सरकार में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री का पद दिया गया है।
पवार ने पिछले महीने हुए पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा था कि युवाओं और महिलाओं को पार्टी में आगे लाना होगा।
पार्टी प्रवक्ता डी. पी. त्रिपाठी ने मंगलवार को पार्टी के नए पदाधिकारियों के नामों की घोषणा की। पदाधिकारियों की नई सूची से पवार के भतीजे अजीत पवार का नाम नदारद है। वह महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं।
पदाधिकारियों की जो सूची आज जारी हुई है उसमें पांच महासचिव, 13 सचिव और 19 कार्यसमिति सदस्य बनाए गए हैं तथा इसमें अन्य अग्रिम संगठनों व मोर्चो के पदाधिकारियों के नाम भी शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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