इंतजार को तैयार, पर रुख प्रतिकूल रहा तो तेज होगा आंदोलन : टीआरएस (लीड-3)
टीआरएस के वरिष्ठ नेता व विचारक के. जयशंकर ने रविवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा, "हम इंतजार करने को तैयार हैं। अलग राज्य के निर्माण की एक संवैधानिक प्रक्रिया है और इसके लिए कानूनी औपचारिकताओं को पूरा किया जाना आवश्यक है।"
यह पूछे जाने पर कि उचित अवधि का क्या तात्पर्य है, उन्होंने कहा, "पांच से छह महीने।"
उन्होंने कहा, "तेलंगाना की जनता बेचैन है। हम इसकी घोषणा के लिए एक-दो दिनों तक इंतजार कर सकते हैं। इसके बाद हम हैदराबाद लौट जाएंगे और राजनीतिक दलों तथा समाज के अन्य वर्गो के साथ बैठकर स्थिति की समीक्षा करेंगे।"
जयशंकर ने कहा कि टीआरएस ने सरकार से साफ-साफ कह दिया है कि वह नौ दिसम्बर की घोषणा से पीछे नहीं हट सकती और हर हाल में उसे पृथक तेलंगाना राज्य के निर्माण की प्रक्रिया आरंभ करनी होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार ने इस मसले पर राजनीतिक दलों से व्यापक चर्चा कर ली है और अब इसे आगे बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं है। यदि इसे जारी ही रखना है तो उन दलों के साथ वार्ता की जानी चाहिए, जिनमें मतभेद हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार द्वारा इस मसले पर गत दिनों बुलाई गई बैठक में टीआरएस की ओर से इसके अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव और जयशंकर ने हिस्सा लिया था। इस बैठक का कोई परिणाम नहीं निकल सका था। राव और जयशंकर इस बैठक के बाद से दिल्ली में ही जमे हुए हैं। राव ने तो पिछले पांच दिनों में मीडिया से कोई बातचीत नहीं की है। वह तेलंगाना मुद्दे पर प्रधानमंत्री से मुलाकात करने वाले हैं।
इस बीच, तेलंगाना के गठन के लिए आंदोलन चला रही सर्वदलीय संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) ने मंगलवार को एक अहम बैठक करने का फैसला किया है, जिसमें भविष्य की रणनीति के संबंध में फैसला लिया जाएगा।
टीआरएस के विधायक हरीश राव ने हैदराबाद में संवाददाताओं को इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार पृथक तेलंगाना के गठन को लेकर कदम नहीं उठाती है तो जेएसी एक बार फिर से आंदोलन तेज कर देगी।
राव ने कहा कि पृथक तेलंगाना के मुद्दे पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया जाएगा। जेएसी में टीआरएस के अलावा सत्तारुढ़ कांग्रेस, मुख्य विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और अन्य छोटे दल शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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