पर्यटकों के लिए मौत का जाल है पुरी समुद्र तट!

Puri
भुवनेश्वर। प्रतिवर्ष हजारों यात्रियों को आकर्षित करने वाला उड़ीसा का पुरी समुद्र तट पर्यटकों के लिए मौत का जाल बनता जा रहा है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि पिछले तीन वर्षो के दौरान समुद्र तट पर करीब 50 पर्यटक डूब चुके हैं।

पुलिस के दस्तावेजों के मुताबिक पिछले साल डूबने से 27 लोगों की मौत हुई थी। वर्ष 2008 में 17 और 2007 में आठ लोगों की इसी तरह मौत हुई थी। समुद्र तट पर होने वाली मौतों की संख्या बढ़ने से पर्यटक और टूर ऑपरेटर चिंतित हैं।

एक टूर ऑपरेटर हिमांशु दास का कहना है, "हम निश्चित रूप से पिछले कुछ वर्षो के दौरान हुई मौतों को देखकर चिंतित हैं। हम विदेशी पर्यटकों को सलाह और संबंधित साहित्य देकर इसके प्रति सचेत करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन बड़ी जिम्मेदारी अधिकारियों की है कि वे लोगों को खतरे के प्रति जागरूक करें।"

दास ने कहा, "समुद्र तट सुरक्षा के स्पष्ट निर्देश हैं जिनका दुनियाभर में पालन किया जाता है लेकिन पुरी में इनमें से किसी का भी ध्यान नहीं रखा जाता। आपातकालीन स्थितियों में आपको न तो यहां निर्देशक बोर्ड या संबंधित साहित्य और न ही जीवन रक्षकों की तैनाती ही मिलेगी।"

डूबने से होने वाली मौतों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताते हुए उड़ीसा मानवाधिकार आयोग (ओएचआरसी) ने राज्य सरकार को समुद्र तट पर जाने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने से संबंधित नोटिस भेजे हैं।

ओएचआरसी के अध्यक्ष जस्टिस पी.के. पात्रा का कहना है, "मानव जीवन अनमोल है और जब एक बार यह ज्ञात हो गया है कि हर साल यहां होने वाली मौतों की संख्या बढ़ती जा रही है तो लोगों को सावधान करने और उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने के सभी उपाए किए जाने चाहिए।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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